INDIA Bloc Protest: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के Special Intensive Revision यानी SIR के खिलाफ विपक्ष का आंदोलन बुधवार, 7 अक्टूबर को दूसरे दिन भी जारी रहा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से दिल्ली के जनपथ स्थित सागर रत्ना रेस्टोरेंट में आयोजित INDIA ब्लॉक सांसदों की लंच बैठक के बाद विपक्षी नेताओं ने जंतर-मंतर जाकर धरना देने का फैसला किया। बैठक के बाद सांसद बसों में सवार होकर जंतर-मंतर के लिए रवाना हुए।
एक दिन पहले, 6 अक्टूबर को INDIA ब्लॉक के सांसद संसद से चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च निकाल रहे थे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया था। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य नेता आकाशवाणी भवन परिसर में कई घंटे धरने पर बैठे रहे। शाम को पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और बाद में रिहा कर दिया।
INDIA Bloc Protest: खरगे की लंच बैठक में बनी नई रणनीति
7 अक्टूबर को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने INDIA ब्लॉक के सांसदों के लिए जनपथ स्थित सागर रत्ना रेस्टोरेंट में लंच बैठक आयोजित की।
बैठक में विपक्षी दलों के सांसदों ने एक दिन पहले हुए घटनाक्रम और आगे के आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की। इसके बाद जंतर-मंतर को अगले विरोध स्थल के रूप में चुना गया।
INDIA Bloc Protest, राहुल गांधी ने बैठक से बाहर निकलने के बाद कहा कि करीब 300 विपक्षी सांसद चुनाव आयोग से मिलना चाहते थे, लेकिन उन्हें आयोग के बाहर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली। इसके बाद विपक्ष ने जंतर-मंतर जाकर संयुक्त रूप से धरना देने का फैसला किया।
INDIA Bloc Protest: बसों में जंतर-मंतर के लिए निकले विपक्षी सांसद
लंच बैठक खत्म होने के बाद INDIA ब्लॉक के सांसद बसों में सवार हुए और जंतर-मंतर की ओर रवाना हो गए।
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि जंतर-मंतर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थान है और विपक्ष वहां जाकर अपना विरोध जारी रखेगा। दीपेंद्र हुड्डा ने भी कहा कि पुलिस केस या दूसरी कार्रवाई से विपक्ष अपना अभियान बंद नहीं करेगा।
विपक्ष मुख्य रूप से CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहा है।
INDIA Bloc Protest: राहुल गांधी बोले- मुझे 100 FIR चाहिए
एक दिन पहले के प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत अन्य के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद राहुल गांधी ने बुधवार को भी तीखी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ पहले से कई FIR हैं और यदि और केस दर्ज होते हैं तो वह उनसे पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने FIR को राजनीतिक संघर्ष में “medal” बताते हुए कहा कि उन्हें 100 FIR तक पहुंचने में भी आपत्ति नहीं है।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक FIR आकाशवाणी भवन परिसर में कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश करने की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है। आरोपों की कानूनी सत्यता आगे की जांच में तय होगी।
6 अक्टूबर को क्या हुआ था?
INDIA Bloc Protest की मौजूदा कड़ी 6 अक्टूबर के बड़े मार्च से जुड़ी है।
विपक्षी सांसद संसद से Election Commission headquarters तक मार्च निकालना चाहते थे। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि CEC ज्ञानेश कुमार पद छोड़ें और मतदाता सूची से जुड़े SIR विवाद पर आयोग जवाब दे।
पुलिस ने बैरिकेड लगाकर सांसदों को आयोग कार्यालय की ओर बढ़ने से रोका। इसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कुछ नेता आकाशवाणी भवन परिसर पहुंचे और वहां लंबे समय तक धरने पर बैठ गए।
पुलिस ने शाम को धरना समाप्त कराया और कई नेताओं को हिरासत में लिया। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।
INDIA Bloc Protest: चुनाव आयोग ने क्या कहा?
इस पूरे विवाद पर Election Commission ने भी अपना पक्ष रखा है।
आयोग की 6 अक्टूबर की आधिकारिक प्रेस रिलीज के मुताबिक शाम 4 बजे तक किसी राजनीतिक दल ने निर्धारित प्रक्रिया के जरिए आयोग से मुलाकात का समय नहीं मांगा था। बाद में दिल्ली पुलिस की ओर से आयोग को जानकारी मिली कि राहुल गांधी के नेतृत्व में सांसदों का प्रतिनिधिमंडल मिलना चाहता है और ज्ञापन सौंपना चाहता है।
ECI ने कहा कि राजनीतिक दलों से मुलाकात के लिए 2025 से एक तय protocol लागू है और पार्टियों को उसी प्रक्रिया के जरिए appointment लेना होता है।
यह आयोग का आधिकारिक पक्ष है, जबकि विपक्ष का दावा है कि इतने बड़े निर्वाचित प्रतिनिधिमंडल को आयोग तक पहुंचने से रोकना लोकतांत्रिक जवाबदेही से जुड़ा सवाल है।
INDIA Bloc Protest: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष
राहुल गांधी और अन्य INDIA ब्लॉक नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहरा रहे हैं।
विपक्ष ने SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। ये विपक्ष के आरोप हैं और चुनाव आयोग तथा BJP इन्हें खारिज करते रहे हैं।
राहुल गांधी ने बुधवार को भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग जारी रखी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह तथा चुनाव आयोग पर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए। इन आरोपों को किसी स्थापित न्यायिक निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
INDIA Bloc Protest: आंदोलन आगे भी जारी रखने के संकेत
खरगे की लंच बैठक के बाद विपक्ष के नेताओं ने साफ संकेत दिए कि CEC और SIR से जुड़ा राजनीतिक आंदोलन फिलहाल खत्म नहीं होने वाला है।
CPI सांसद पी. संदोश कुमार ने बैठक से पहले कहा कि FIR से आंदोलन कमजोर होने के बजाय और तेज होगा। वहीं RJD सांसद मनोज झा ने भी कहा कि पुलिस केस से विपक्ष का विरोध प्रभावित नहीं होगा।
INDIA Bloc Protest, ऐसे में 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च और आकाशवाणी भवन के लंबे धरने के बाद अब जंतर-मंतर विपक्ष के आंदोलन का नया केंद्र बन गया है।
आगे की तस्वीर इस बात पर निर्भर करेगी कि चुनाव आयोग और INDIA ब्लॉक के बीच औपचारिक बातचीत होती है या नहीं और विपक्ष CEC के इस्तीफे तथा SIR से जुड़ी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन को किस रूप में आगे बढ़ाता है।

