Dhruv Rathee Flydubai: दुबई से तेल अवीव जा रही Flydubai की फ्लाइट FZ1073 में 30 सितंबर को हुए कॉकपिट हमले के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे और conspiracy theories सामने आई हैं। इन्हीं में एक दावा इस घटना को कथित Israeli “False Flag” operation बताता है। YouTuber Dhruv Rathee ने भी 3 अक्टूबर को पोस्ट किए एक वीडियो में इस theory और उससे जुड़े सवालों का जिक्र किया, लेकिन अब तक ऐसा कोई विश्वसनीय सार्वजनिक सबूत सामने नहीं आया है जिससे साबित हो कि Israel या Mossad ने यह हमला करवाया था।
वहीं UAE के Attorney General ने जांच के आधार पर कहा है कि Omani co-pilot ने cockpit में रखे crash axe से भारतीय कैप्टन Smit Machchhar पर हमला किया और aircraft controls पर कब्जा करने की कोशिश की। UAE ने इसे कथित terrorist act की कोशिश बताया है, हालांकि motive, संभावित संगठनों से संबंध और पूरी साजिश की जांच अभी जारी है।
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Dhruv Rathee Flydubai वीडियो में क्या कहा गया?
Dhruv Rathee Flydubai वीडियो 3 अक्टूबर को “How did Captain Smit Machchhar stop a Plane Hijack?” शीर्षक से शेयर किया गया। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक Rathee ने घटना का घटनाक्रम बताते हुए सोशल मीडिया पर चल रही उस theory का भी जिक्र किया जिसमें कुछ लोग इसे Israeli false flag बता रहे हैं।
इस theory को चुनावी माहौल से भी जोड़ा जा रहा है। सवाल उठाया गया कि क्या Israel में होने वाले चुनाव और प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu की सुरक्षा संबंधी चेतावनी के बीच इस घटना का कोई संबंध हो सकता है।
लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण फर्क है—किसी theory का जिक्र करना या उससे जुड़े सवाल उठाना और उसके समर्थन में प्रमाण होना दो अलग बातें हैं।
फिलहाल उपलब्ध जांच या स्वतंत्र reporting में Israel द्वारा हमले की योजना बनाने का कोई प्रमाण सामने नहीं आया है।
Flydubai Cockpit Attack में वास्तव में क्या हुआ?
30 सितंबर को Flydubai Flight FZ1073 Dubai से Tel Aviv जा रही थी। विमान में करीब 174 यात्री सवार थे।
Reuters के मुताबिक co-pilot ने कैप्टन Smit Machchhar पर हमला किया और इसके बाद विमान बेहद तेजी से नीचे आया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद Machchhar cockpit door खोलने में सफल रहे, जिससे crew और passengers हमलावर तक पहुंच सके।
विमान में संयोग से दो अन्य Flydubai pilots भी यात्रा कर रहे थे। घटना के बाद उन्होंने aircraft का control संभाला और विमान को Saudi Arabia के Tabuk में सुरक्षित उतारा।
सभी यात्रियों की जान बच गई।
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चाकू नहीं, Crash Axe से हुआ हमला
इस मामले में शुरुआती जानकारी और बाद की आधिकारिक जांच के बीच एक अहम अंतर सामने आया।
घटना के तुरंत बाद कई रिपोर्टों में कहा गया कि कैप्टन पर चाकू जैसी वस्तु से हमला किया गया। इससे सोशल मीडिया पर यह सवाल तेजी से फैला कि आखिर co-pilot सुरक्षा जांच के बावजूद cockpit में weapon कैसे ले गया।
लेकिन 3 अक्टूबर को UAE Attorney General Hamad Saif Al Shamsi ने कहा कि हमले में crash axe का इस्तेमाल हुआ था।
Crash axe aircraft में emergency equipment के तौर पर रखा जाता है। इसका इस्तेमाल आग, damaged panels या emergency escape जैसी परिस्थितियों में किया जा सकता है।
यानी मौजूदा आधिकारिक version के मुताबिक हथियार बाहर से security checkpoint पार करके नहीं लाया गया था, बल्कि cockpit में पहले से मौजूद emergency tool का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल किया गया।
इस नई जानकारी के बाद conspiracy theory में इस्तेमाल किए जा रहे “weapon smuggling” वाले तर्क की बुनियाद कमजोर पड़ती है।
UAE ने घटना को ‘Terrorist Act’ की कोशिश बताया
UAE Attorney General के मुताबिक preliminary investigation से पता चला है कि co-pilot ने कैप्टन पर हमला करने के बाद aircraft controls हासिल करने की कोशिश की।
UAE अधिकारियों ने इसे “attempted terrorist act” कहा है। हालांकि अधिकारियों ने यह भी साफ किया है कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है।
जांच में मुख्य रूप से यह देखा जा रहा है:
- हमला किस motive से किया गया?
- क्या आरोपी ने अकेले कार्रवाई की?
- क्या उसके किसी संगठन या दूसरे व्यक्ति से links थे?
- उसके electronic devices और digital records में क्या मिला?
- Flydubai की pilot vetting process में कोई कमी थी या नहीं?
इसलिए हमले का exact motive अभी अंतिम रूप से स्थापित नहीं हुआ है।
Co-pilot की background जांच पर गंभीर सवाल
इस घटना में conspiracy theory से ज्यादा ठोस सवाल co-pilot के background verification को लेकर उठ रहे हैं।
Wall Street Journal और अन्य रिपोर्टों में दावा किया गया कि आरोपी Omani co-pilot Hamam al-Hammami को Oman में पहले radical views से जुड़ी चिंताओं के कारण flying duties से हटाया गया था।
अब सवाल यह है कि अगर उसके बारे में पहले security concerns मौजूद थे, तो वह Flydubai में कैसे भर्ती हुआ और Israel-bound flight की cockpit duty तक कैसे पहुंचा?
यही पहलू फिलहाल aviation-security investigation का ज्यादा महत्वपूर्ण हिस्सा बनता दिखाई दे रहा है।
‘False Flag’ थ्योरी आखिर शुरू कहां से हुई?
Flydubai incident के कुछ ही समय बाद social media पर posts आने लगे जिनमें Israel, Mossad और Netanyahu पर घटना orchestrate करने के आरोप लगाए गए।
ABC News Verify के मुताबिक ऐसी posts में सबसे ज्यादा जोर इस बात पर था कि Israel में जल्द चुनाव होने हैं और Netanyahu security issue से राजनीतिक फायदा उठा सकते हैं। लेकिन fact-check में इन दावों के समर्थन में कोई evidence नहीं मिला।
Times of Israel की रिपोर्ट के अनुसार monitoring groups ने घटना के कुछ घंटों के भीतर हजारों posts में Israel या Mossad को जिम्मेदार ठहराने वाली theories देखीं।
इस तरह “false flag” narrative जांच के किसी निष्कर्ष के बाद नहीं, बल्कि घटना के तुरंत बाद social media speculation के रूप में फैलना शुरू हुआ था।
Netanyahu की एक दिन पहले वाली चेतावनी क्यों चर्चा में आई?
इस theory को हवा देने वाली सबसे बड़ी परिस्थितियों में Netanyahu का 29 सितंबर का बयान शामिल है।
घटना से एक दिन पहले Israeli PM ने Tel Nof Air Base के दौरे के दौरान कहा था कि Israel के पास ऐसे संकेत हैं कि उसके “दुश्मन” 27 अक्टूबर के चुनाव से पहले हमला करने की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने किसी खास देश, संगठन या aviation threat का नाम नहीं लिया था।
अगले ही दिन Flydubai FZ1073 में घटना होने के कारण सोशल मीडिया पर दोनों घटनाओं को जोड़कर देखा जाने लगा।
लेकिन दो घटनाओं का समय करीब होना अपने आप में साजिश का प्रमाण नहीं है।
फिलहाल किसी जांच एजेंसी ने यह नहीं कहा है कि Netanyahu की 29 सितंबर की warning विशेष रूप से FZ1073 से जुड़ी थी।
Israel में 27 अक्टूबर को चुनाव
Israel में parliamentary election 27 अक्टूबर 2026 को तय है।
Israel Democracy Institute के election timeline के मुताबिक 25वीं Knesset 17 जुलाई को dissolve हुई थी, जिसके बाद 26वीं Knesset के लिए चुनाव 27 अक्टूबर तय किया गया।
यह चुनावी timing इसलिए conspiracy theories में बार-बार सामने आ रही है क्योंकि Israel में national security एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा है।
लेकिन election timing किसी attack को staged साबित करने के लिए evidence नहीं हो सकती।
सोशल मीडिया के कई ‘सबूत’ निकले फर्जी
Dhruv Rathee Flydubai और false-flag debate के बीच यह भी महत्वपूर्ण है कि घटना से जुड़े कई viral videos गलत पाए गए हैं।
एक वायरल वीडियो में दावा किया गया था कि FZ1073 के यात्री हमले के बाद plane में celebration कर रहे थे। Fact-check में पता चला कि वह footage वास्तव में 2025 की Israeli basketball team का था और Flydubai incident से उसका कोई संबंध नहीं था।
एक दूसरा viral video कथित तौर पर विमान के तेजी से नीचे आने का बताया गया, लेकिन Full Fact ने पाया कि उसमें दिखाई दे रहा aircraft अलग flight का था और screaming audio भी 2022 के दूसरे incident से लिया गया था।
एक AI-altered fake BBC video भी फैलाया गया, जिसमें हमले को कथित India-Israel operation बताया गया था। Fact-checkers ने इसे फर्जी पाया।
इस वजह से सोशल मीडिया पर circulating videos को evidence मानने में अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।
Captain Smit Machchhar ने सुनाई आपबीती
Indian captain Smit Machchhar ने बाद में बताया कि co-pilot ने पहले cockpit में प्रार्थना करने की बात कही और उसके बाद अचानक पीछे से हमला किया।
गंभीर चोट और blurred vision के बावजूद Machchhar cockpit door खोलने में सफल रहे। इसके बाद बाहर मौजूद crew और दूसरे लोग अंदर पहुंच सके।

