Dhruv Rathee Leaving India Controversy: चर्चित यूट्यूबर ध्रुव राठी के भारत से लंदन जाने की खबरों के बीच अभिनेता और सोशल मीडिया कमेंटेटर कमाल आर खान (KRK) की टिप्पणी ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। KRK ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ध्रुव राठी का समर्थन करते हुए उनके आलोचकों पर तंज कसा। उन्होंने लिखा कि राठी भारत आए, विरोध प्रदर्शन किया और वापस चले गए, जबकि उनके विरोधी सवाल उठाते रह गए। इसी बीच दिल्ली की साकेत कोर्ट में राठी से जुड़े पुराने आपराधिक मानहानि मामले की सुनवाई भी चर्चा में है।
Dhruv Rathee Leaving India Controversy: KRK ने क्या कहा?
ध्रुव राठी के लंदन जाने को लेकर कमाल आर खान ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी है।
KRK ने अपनी पोस्ट में कहा, ‘राठी आया भी, प्रोटेस्ट भी किया और चला भी गया, अंधभक्त चिल्लाते ही रह गए।’
उनकी यह टिप्पणी उन लोगों के जवाब के रूप में देखी जा रही है, जो सोशल मीडिया पर ध्रुव राठी की भारत यात्रा और विरोध प्रदर्शनों में उनकी भागीदारी को लेकर सवाल उठा रहे थे।
हालांकि, KRK का यह बयान उनकी व्यक्तिगत राजनीतिक प्रतिक्रिया है। इससे ध्रुव राठी की यात्रा के उद्देश्य या किसी विशेष प्रदर्शन में उनकी भागीदारी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं होती।
दिल्ली के विरोध प्रदर्शन से कैसे जुड़ा मामला?
ध्रुव राठी हाल के दिनों में दिल्ली में हो रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा में रहे हैं।
विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को लेकर आयोजित प्रदर्शनों के बीच राठी की टिप्पणियां और गतिविधियां भी सुर्खियों में आई हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने लंदन से एक वीडियो जारी कर मार्च से संबंधित घोषणा की थी।
इसके बाद सोशल मीडिया पर उनके भारत आने, प्रदर्शन में भाग लेने और वापस विदेश जाने को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
KRK ने इन्हीं चर्चाओं के बीच राठी का समर्थन करते हुए आलोचकों पर निशाना साधा।
हालांकि, यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि सोशल मीडिया पर किया गया दावा किसी घटना का स्वतंत्र प्रमाण नहीं होता।
साकेत कोर्ट में पुराने मानहानि मामले की सुनवाई
Dhruv Rathee Leaving India Controversy के साथ दिल्ली की साकेत कोर्ट में चल रहा एक पुराना आपराधिक मानहानि मामला भी चर्चा में है।
यह मामला वर्ष 2018 में ध्रुव राठी के यूट्यूब चैनल पर प्रकाशित एक वीडियो से जुड़ा बताया गया है।
वीडियो का शीर्षक ‘बीजेपी आईटी सेल पार्ट-दो’ था।
शिकायतकर्ता विकास सांकृत्यायन, जिन्हें विकास पांडे के नाम से भी जाना जाता है, ने आरोप लगाया था कि वीडियो में उनके खिलाफ कथित रूप से गलत और मानहानिकारक बातें कही गई थीं।
उनका कहना था कि इससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।
इसी शिकायत के आधार पर अदालत में कानूनी कार्यवाही जारी है।
हालांकि, शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों को अदालत में दोष सिद्ध होने के समान नहीं माना जा सकता।
12 अक्टूबर को अदालत ने क्या आदेश दिया?
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 12 अक्टूबर 2026 को न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल जैन ने मामले में समन की तामील से संबंधित एक आवेदन पर सुनवाई की थी।
शिकायतकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि ध्रुव राठी सामान्यतः ऑस्ट्रिया में रहते हैं और उस समय भारत में होने की जानकारी मिली थी।
इसके बाद अदालत ने समन की तामील के लिए आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाने का आदेश दिया।
रिपोर्टों के मुताबिक, शिकायतकर्ता को प्रक्रिया सर्वर के साथ जाकर समन की तामील कराने की अनुमति दी गई थी।
गुरुग्राम के केंद्रीय विहार स्थित एक पते पर समन चस्पा किए जाने की जानकारी भी सामने आई।
यह पूरी प्रक्रिया आरोपी को न्यायिक कार्यवाही की जानकारी देने और अदालत के समक्ष उपस्थिति सुनिश्चित करने से संबंधित है।
वकील ने बताया, ध्रुव राठी लंदन में हैं
मामले की बाद की सुनवाई में ध्रुव राठी की ओर से उनके अधिवक्ता अदालत में उपस्थित हुए।
उपलब्ध विवरण के अनुसार, वकील ने अदालत को बताया कि राठी उस समय लंदन में थे और व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सके।
इसके बाद सोशल मीडिया पर राठी की विदेश यात्रा और अदालती कार्यवाही को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
हालांकि, केवल विदेश में मौजूद होने के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है कि कोई व्यक्ति अदालत की कार्यवाही से बचने के उद्देश्य से देश से बाहर गया है।
इसके लिए संबंधित न्यायिक आदेश, उपस्थिति संबंधी निर्देश और अन्य परिस्थितियों को देखना आवश्यक होगा।
KRK ने दिल्ली पुलिस पर भी उठाए सवाल
Dhruv Rathee Leaving India Controversy के बीच KRK ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सोशल मीडिया पर टिप्पणी की।
उन्होंने सवाल उठाया कि तिरंगा लहराने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों की जा रही है।
KRK ने यह भी पूछा कि यदि राष्ट्रीय ध्वज के साथ प्रदर्शन करने वालों को हिरासत में लिया जाता है, तो नागरिकों को किस तरह विरोध जताने की अनुमति है।
उनकी इस टिप्पणी का संबंध दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों से बताया जा रहा है।
हालांकि, किसी व्यक्ति को हिरासत में लेने का वास्तविक कानूनी आधार पुलिस रिकॉर्ड और संबंधित मामले की परिस्थितियों से ही स्पष्ट हो सकता है।
इसलिए KRK के आरोपों को दिल्ली पुलिस के खिलाफ प्रमाणित निष्कर्ष के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।
विरोध प्रदर्शन और कानूनी प्रक्रिया पर बहस
ध्रुव राठी और KRK से जुड़े इस विवाद ने सोशल मीडिया पर विरोध प्रदर्शन के अधिकार और कानूनी जवाबदेही जैसे विषयों को भी चर्चा में ला दिया है।
भारत के संविधान में नागरिकों को अभिव्यक्ति और शांतिपूर्ण सभा की स्वतंत्रता दी गई है। हालांकि, इन अधिकारों पर कानून के अनुसार युक्तिसंगत प्रतिबंध लागू हो सकते हैं।
इसी तरह किसी व्यक्ति के खिलाफ अदालत में मामला लंबित होने का अर्थ यह नहीं है कि उसके खिलाफ लगाए गए आरोप सिद्ध हो चुके हैं।
ध्रुव राठी के मामले में भी मानहानि से जुड़ी न्यायिक कार्यवाही और उनकी विदेश यात्रा को अलग-अलग तथ्यों के आधार पर देखना आवश्यक है।
Dhruv Rathee Leaving India Controversy में आगे क्या?
फिलहाल ध्रुव राठी के लंदन में होने और KRK की प्रतिक्रिया को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा जारी है।
दूसरी ओर, साकेत कोर्ट में वर्ष 2018 से संबंधित मानहानि मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
अब संबंधित मामले में अदालत के आगामी आदेश और राठी की ओर से प्रस्तुत किए जाने वाले पक्ष पर नजर रहेगी।
यह भी देखना होगा कि KRK की टिप्पणी पर ध्रुव राठी या अन्य संबंधित पक्ष कोई प्रतिक्रिया देते हैं या नहीं।
निष्कर्ष: Dhruv Rathee Leaving India Controversy में KRK ने राठी के विदेश जाने पर उनके आलोचकों पर तंज कसा है। वहीं, साकेत कोर्ट में लंबित मानहानि मामले के कारण उनकी यात्रा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी से यह साबित नहीं होता कि ध्रुव राठी ने अदालती कार्यवाही से बचने के लिए भारत छोड़ा है।

