Ranji Trophy 2026-27 के दूसरे दौर के मुकाबलों में दिल्ली के प्रियांश आर्य और उत्तर प्रदेश के रिंकू सिंह ने अपनी बल्लेबाजी से सुर्खियां बटोरीं। दिल्ली और गुजरात के बीच पालम स्टेडियम में खेले जा रहे मुकाबले में प्रियांश आर्य ने शानदार शतक जड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। वहीं, कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में गोवा के खिलाफ उत्तर प्रदेश की पारी लड़खड़ाती नजर आई, लेकिन रिंकू सिंह ने एक छोर संभालकर अर्धशतक पूरा किया। दोनों मुकाबलों में इन बल्लेबाजों का प्रदर्शन चर्चा का विषय बना हुआ है।
Ranji Trophy 2026-27: प्रियांश आर्य ने जड़ा शानदार शतक
दिल्ली और गुजरात के बीच एलीट ग्रुप सी का मुकाबला दिल्ली के पालम बी स्टेडियम में खेला जा रहा है। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी दिल्ली को शुरुआती झटके जरूर लगे, लेकिन प्रियांश आर्य ने मोर्चा संभाल लिया।
प्रियांश ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए अपना पहला प्रथम श्रेणी शतक पूरा किया। उन्होंने 125 गेंदों में शतक बनाया, जिसमें 15 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। उनकी पारी ने दिल्ली को शुरुआती विकेट गिरने के बावजूद मुकाबले में मजबूत स्थिति दिलाई।
दिल्ली की शुरुआत अच्छी रही, लेकिन टीम को पहला झटका 67 रन के स्कोर पर लगा। सनत सांगवान 8 रन बनाकर हर्षल पटेल की गेंद पर आउट हुए। इसके बाद यश ढुल भी 10 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। हर्षल पटेल ने दोनों बल्लेबाजों को आउट कर गुजरात को शुरुआती सफलता दिलाई।
इसके बाद आयुष दोसजा ने पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन वह 29 रन बनाकर रन आउट हो गए। शुरुआती विकेट गिरने के बावजूद प्रियांश ने संयम और आक्रामकता के बीच अच्छा संतुलन बनाए रखा।
आयुष बडोनी ने भी दिया प्रियांश का साथ
दिल्ली के कप्तान आयुष बडोनी ने भी प्रियांश आर्य का अच्छा साथ दिया। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के बाद पारी को संभालते हुए टीम के स्कोर को आगे बढ़ाया।
आपके दिए गए मैच अपडेट के अनुसार, दिल्ली ने पहले दिन चायकाल तक तीन विकेट के नुकसान पर 249 रन बना लिए थे। प्रियांश आर्य 125 रन और आयुष बडोनी 60 रन बनाकर क्रीज पर थे।
दिल्ली के लिए यह साझेदारी महत्वपूर्ण रही, क्योंकि शुरुआती तीन विकेट गिरने के बाद टीम को एक बड़ी साझेदारी की जरूरत थी। प्रियांश के शतक और बडोनी की उपयोगी पारी ने गुजरात के गेंदबाजों पर दबाव बढ़ाया।
Ranji Trophy: रिंकू सिंह ने मुश्किल समय में संभाली यूपी की पारी
दूसरी ओर, कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में उत्तर प्रदेश और गोवा के बीच मुकाबला खेला जा रहा है। इस मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी उत्तर प्रदेश की शुरुआत खराब रही।
यूपी ने महज 9 रन के स्कोर पर अपना पहला विकेट गंवा दिया। इसके बाद भी टीम की मुश्किलें कम नहीं हुईं और 33 रन तक पहुंचते-पहुंचते उसके तीन बल्लेबाज आउट हो गए।
ऐसे समय में रिंकू सिंह बल्लेबाजी के लिए उतरे। उन्होंने एक छोर संभालते हुए पारी को आगे बढ़ाने की कोशिश की। हालांकि, दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरने के कारण उन्हें संभलकर बल्लेबाजी करनी पड़ी।
आपके उपलब्ध मैच अपडेट के मुताबिक, रिंकू सिंह ने नाबाद 81 रन बनाए थे और उत्तर प्रदेश का स्कोर नौ विकेट पर 163 रन था। वंश चौधरी उनके साथ क्रीज पर मौजूद थे। मैच के ताजा स्कोर में बदलाव संभव है।
रिंकू की पारी क्यों है अहम?
रिंकू सिंह आमतौर पर सीमित ओवरों के क्रिकेट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। लेकिन प्रथम श्रेणी क्रिकेट में मुश्किल परिस्थितियों के दौरान पारी को संभालना भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है।
गोवा के खिलाफ मुकाबले में उत्तर प्रदेश के लगातार विकेट गिरने के कारण रिंकू पर पारी को संभालने की जिम्मेदारी थी। ऐसे में उनका अर्धशतक टीम के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ।
दूसरी ओर, दिल्ली के लिए प्रियांश आर्य का शतक टीम को बड़ा स्कोर खड़ा करने का मौका देता है। दोनों खिलाड़ियों की पारियां दिखाती हैं कि रणजी ट्रॉफी जैसे लंबे प्रारूप में आक्रामक बल्लेबाजी के साथ धैर्य और परिस्थितियों के अनुसार खेलने की क्षमता भी जरूरी है।
घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन पर रहेंगी नजरें
रणजी ट्रॉफी भारतीय घरेलू क्रिकेट का प्रमुख प्रथम श्रेणी टूर्नामेंट है। यहां खिलाड़ियों को लंबे प्रारूप में अपनी तकनीक, धैर्य और निरंतरता साबित करने का मौका मिलता है।
प्रियांश आर्य का शतक दिल्ली के लिए सकारात्मक संकेत है, जबकि रिंकू सिंह की संघर्षपूर्ण पारी उत्तर प्रदेश को मुश्किल स्थिति से उबारने में अहम भूमिका निभा सकती है। दोनों मुकाबलों का आगे का परिणाम इस बात पर निर्भर करेगा कि टीमें अपनी मौजूदा स्थिति को किस तरह भुनाती हैं।
निष्कर्ष: Ranji Trophy 2026-27 में प्रियांश आर्य ने शतक लगाकर दिल्ली को मजबूती दी, जबकि रिंकू सिंह ने उत्तर प्रदेश की लड़खड़ाती पारी को संभालने का प्रयास किया। अब नजरें दोनों मुकाबलों के आगे के खेल और टीमों के प्रदर्शन पर रहेंगी।

