Samdari Bhiladi Railway Doubling: राजस्थान के पश्चिमी हिस्से में रेल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण काम आगे बढ़ रहा है। लूनी-समदड़ी-भीलड़ी वाया जालोर रेलमार्ग के दोहरीकरण की परियोजना ने अब गति पकड़ ली है। इस परियोजना से जालोर जिला मुख्यालय सहित जिले के 21 अन्य रेलवे स्टेशनों को फायदा मिलने की उम्मीद है। दोहरीकरण होने से इस रेलखंड पर ट्रेनों की आवाजाही की क्षमता बढ़ेगी और एक ही ट्रैक पर निर्भरता कम होगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल में पिछले चार महीनों के दौरान कई महत्वपूर्ण तकनीकी कार्य पूरे किए गए हैं। इनमें रेलवे क्रॉसिंग पर गार्डर और आरसीसी बॉक्स लॉन्चिंग, प्लेटफॉर्म के बीच सब-वे निर्माण और पुराने पुलों को नए आरसीसी बॉक्स से बदलने जैसे काम शामिल हैं।
Samdari Bhiladi Railway Doubling से जालोर के 21 स्टेशनों को फायदा
लूनी-समदड़ी-भीलड़ी रेलखंड जालोर जिले के लिए महत्वपूर्ण रेल संपर्क मार्ग है। इसके दोहरीकरण से जिला मुख्यालय के साथ जिले के 21 अन्य रेलवे स्टेशनों को भी लाभ मिलने की संभावना है।
वर्तमान में एक ही रेल लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही होने से परिचालन क्षमता सीमित रहती है। दोहरीकरण के बाद ट्रेनों के संचालन के लिए अतिरिक्त ट्रैक उपलब्ध होगा। इससे यात्री ट्रेनों के साथ मालगाड़ियों की आवाजाही को भी बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी।
परियोजना पूरी होने के बाद इस मार्ग पर रेल यातायात का दबाव कम होने और ट्रेनों का संचालन अधिक सुगम होने की उम्मीद है। इससे जालोर और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को भविष्य में बेहतर रेल सुविधाएं मिल सकेंगी।
160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के अनुरूप तैयार हो रहा ट्रैक
दोहरीकरण परियोजना के तहत सतलाना, दूदिया और दुंदाड़ा रेलवे स्टेशनों पर लूप लाइनों को अप मेन लाइन में परिवर्तित किया गया है। इसके लिए करीब 800 मीटर पुराने ट्रैक को हटाकर नई नींव तैयार की गई और नई रेल लाइन बिछाई गई।
इस काम के जरिए यार्ड और ब्लॉक सेक्शन के बीच ट्रैक सेंटर की दूरी में मौजूद अंतर को दूर किया गया है। साथ ही यार्ड के प्रवेश मार्ग पर बने दो एस आकार के मोड़ों की आवश्यकता भी समाप्त हो गई है।
रेलवे के अनुसार, परिवर्तित अप मेन लाइन का ट्रैक ढांचा 160 किलोमीटर प्रति घंटे की गति के अनुरूप तैयार किया गया है। समदड़ी-भीलड़ी वाया जालोर रेलमार्ग को भी भविष्य में इसी तरह की गति के अनुरूप अपग्रेड करने की योजना है। हालांकि, पूरे रेलखंड पर 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाने की सुविधा परियोजना के आगे के विकास और जरूरी मंजूरियों पर निर्भर करेगी।
Samdari Bhiladi Railway Doubling: तीन रेलवे स्टेशनों पर सब-वे का निर्माण पूरा
परियोजना के तहत सतलाना, दूदिया और दुंदाड़ा रेलवे स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म के बीच सब-वे बनाने का काम पूरा कर लिया गया है।
इन स्टेशनों पर रेलवे भवनों, प्लेटफॉर्म और ओवरहेड इलेक्ट्रिक (OHE) खंभों के बीच सीमित जगह होने के कारण निर्माण कार्य तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण था। इस समस्या के समाधान के लिए रेलवे ने एयर पुशिंग तकनीक का इस्तेमाल किया और सब-वे लॉन्च किए।
इन सब-वे के तैयार होने से यात्रियों को एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक पहुंचने में आसानी होगी। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और सामान लेकर यात्रा करने वाले यात्रियों को इसका फायदा मिलेगा।
Samdari Bhiladi Railway Doubling: चार रेलवे क्रॉसिंग पर गार्डर और RCC बॉक्स लॉन्चिंग
उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल में पिछले चार महीनों के दौरान परियोजना से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य पूरे किए गए हैं। इनमें चार रेलवे क्रॉसिंग पर गार्डर और आरसीसी बॉक्स लॉन्चिंग का काम शामिल है।
इसके अलावा दो पुराने पुलों को नए आरसीसी बॉक्स से बदलने का काम भी किया गया है। ये सभी कार्य रेलमार्ग के दोहरीकरण के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इन तकनीकी कार्यों को पूरा करने के बाद परियोजना के अगले चरणों के लिए आधार तैयार हुआ है।
Samdari Bhiladi Railway Doubling :जालोर के यात्रियों को कब मिलेगा फायदा?
समदड़ी-भीलड़ी वाया जालोर रेलमार्ग का दोहरीकरण पूरा होने के बाद इस क्षेत्र की रेल परिचालन क्षमता में सुधार होने की उम्मीद है। इससे यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों के संचालन के लिए बेहतर व्यवस्था विकसित हो सकेगी।
उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल के अंतर्गत चल रही यह परियोजना जालोर जिले के रेल संपर्क को मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। अब यात्रियों की नजर इस बात पर रहेगी कि दोहरीकरण का काम कब तक पूरा होता है और पूरे रेलखंड पर बेहतर गति से ट्रेनों का संचालन कब शुरू हो पाता है।

