Bareilly BJP Padyatra: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव से पहले अपने संगठन को सक्रिय करने और कार्यकर्ताओं में जोश भरने की कवायद शुरू कर दी है। इसी कड़ी में मंगलवार को बरेली में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत विशाल पदयात्रा आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और राष्ट्रीय लोकदल के प्रमुख जयंत चौधरी एक साथ नजर आए। तीनों नेताओं की मौजूदगी ने इस आयोजन को राजनीतिक रूप से खास बना दिया। ब्रज क्षेत्र के अलग-अलग जिलों से पहुंचे कार्यकर्ताओं ने भी पदयात्रा में हिस्सा लिया। भाजपा इस आयोजन के जरिए विधानसभा चुनाव से पहले संगठन की एकजुटता और गठबंधन की ताकत दिखाने की कोशिश कर रही है।
Bareilly BJP Padyatra में नड्डा, मौर्य और जयंत चौधरी एक मंच पर
बरेली के राजेंद्रनगर स्थित स्वयंवर बारातघर में मंगलवार को भाजपा के बड़े नेताओं का जमावड़ा लगा। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा दोपहर करीब 1:35 बजे कार्यक्रम स्थल पहुंचे। यहां उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और राष्ट्रीय लोकदल के प्रमुख जयंत चौधरी भी मौजूद रहे।
तीनों नेताओं ने कार्यक्रम में एक साथ मंच साझा किया। उनके संबोधन के बाद पदयात्रा की शुरुआत हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और पार्टी पदाधिकारी शामिल हुए। नेताओं की मौजूदगी और कार्यकर्ताओं के उत्साह ने कार्यक्रम को बड़े राजनीतिक आयोजन का रूप दे दिया।
बरेली की सड़कों पर भाजपा का शक्ति प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में अभी समय है, लेकिन भाजपा ने संगठनात्मक गतिविधियों को तेज करना शुरू कर दिया है। बरेली में आयोजित पदयात्रा को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
इस कार्यक्रम में ब्रज क्षेत्र के कई जिलों से भाजपा कार्यकर्ता पहुंचे। सुबह से ही स्वयंवर बारातघर के आसपास कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटने लगी थी। पार्टी नेताओं का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को एकजुट करने के साथ संगठन की सक्रियता का संदेश देना है।
भाजपा इस अभियान के जरिए विपक्ष के खिलाफ राजनीतिक माहौल बनाने और अपने कार्यकर्ताओं को आगामी चुनाव के लिए तैयार करने में जुटी है।
स्वयंवर बारातघर से शहीद स्तंभ तक निकली 2.15 किलोमीटर की यात्रा
भाजपा की पदयात्रा राजेंद्रनगर स्थित स्वयंवर बारातघर से शुरू हुई। इसका निर्धारित मार्ग करीब 2.15 किलोमीटर लंबा रखा गया। यात्रा का समापन डीडीपुरम स्थित शहीद स्तंभ पर होना है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, पदयात्रा बांके बिहारी मंदिर से होते हुए शिवाजी चौक यानी शील चौराहे पहुंचेगी। यहां छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जाना है। इसके बाद नेताओं और कार्यकर्ताओं का काफिला शहीद पंकज अरोड़ा स्मारक पहुंचेगा।
यहां शहीद स्तंभ पर पुष्पांजलि अर्पित कर पदयात्रा का समापन किया जाएगा। कार्यक्रम के अनुसार, यात्रा दोपहर करीब 3:35 बजे तक पूरी होनी थी।
भाजपा के कई वरिष्ठ नेता भी कार्यक्रम में हुए शामिल
बरेली में आयोजित इस पदयात्रा में भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों ने हिस्सा लिया। इनमें प्रदेश उपाध्यक्ष गीता शाक्य, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार और उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय शामिल रहे।
इसके अलावा भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय शाक्य सहित कई पार्टी पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
केंद्रीय और प्रदेश स्तर के नेताओं की मौजूदगी ने इस आयोजन का राजनीतिक महत्व बढ़ा दिया। भाजपा के लिए यह कार्यक्रम केवल एक पदयात्रा नहीं, बल्कि चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं के बीच अपनी ताकत और एकजुटता का संदेश देने का अवसर भी है।
पदयात्रा के बाद सर्किट हाउस में होगी संगठनात्मक बैठक
पदयात्रा के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के बरेली स्थित सर्किट हाउस पहुंचने का कार्यक्रम निर्धारित था। यहां वह पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर संगठन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने वाले थे।
वहीं, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की भी पार्टी नेताओं और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक प्रस्तावित थी। इसके बाद अधिकारियों के साथ विकास कार्यों और विभिन्न विभागीय योजनाओं की समीक्षा की जानी थी।
इस तरह बरेली का यह दौरा संगठनात्मक गतिविधियों के साथ प्रशासनिक समीक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण रहा।
2027 के चुनाव से पहले भाजपा और RLD की एकजुटता का संदेश
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बरेली की पदयात्रा को भाजपा की चुनावी तैयारियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। खास बात यह रही कि कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ राष्ट्रीय लोकदल के प्रमुख जयंत चौधरी भी शामिल हुए।
एक मंच पर तीनों नेताओं की मौजूदगी ने भाजपा और उसके सहयोगी दलों की एकजुटता का संदेश दिया। अब राजनीतिक नजरें इस बात पर रहेंगी कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा अपने संगठन और सहयोगी दलों के साथ किस तरह की रणनीति तैयार करती है।

