CM Yogi Women Safety को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र की महानवमी पर महिला सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के लिए प्रदेश सरकार की पहल का उल्लेख किया। गोरखनाथ मंदिर में मां सिद्धिदात्री की पूजा और कन्या पूजन के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने मिशन शक्ति अभियान, पुलिस थानों में महिला सहायता केंद्रों और 1090 महिला हेल्पलाइन का जिक्र करते हुए बताया कि महिलाओं की शिकायतें सुनने और उनके समाधान के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
CM Yogi Women Safety: हर थाने में महिला सहायता केंद्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए पुलिस व्यवस्था के भीतर विशेष सुविधाएं विकसित की गई हैं। उनके मुताबिक, हर पुलिस थाने में महिला सहायता केंद्र स्थापित किया गया है, जहां महिलाएं अपनी शिकायतें दर्ज करा सकती हैं और सहायता प्राप्त कर सकती हैं।
उन्होंने बताया कि महिलाओं की शिकायतें सुनने के लिए अलग कक्ष की व्यवस्था भी की गई है। यहां महिला बीट पुलिस अधिकारी या सब-इंस्पेक्टर स्तर की महिला पुलिस अधिकारी पीड़िताओं की समस्याएं सुनने और उनके समाधान में मदद करती हैं।
मुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा से जुड़े प्रयासों को शासन की जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना और उन्हें सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर देना आवश्यक है।
1090 हेल्पलाइन और मिशन शक्ति अभियान पर जोर
सीएम योगी ने महिला सुरक्षा के लिए मिशन शक्ति अभियान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने के साथ उनके सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देना है।
मुख्यमंत्री ने 1090 महिला हेल्पलाइन को भी महिलाओं की सहायता के लिए संचालित व्यवस्था के रूप में बताया। ऐसी हेल्पलाइन महिलाओं को शिकायत और सहायता के लिए संपर्क का माध्यम उपलब्ध कराती हैं।
महिला सुरक्षा के प्रभावी क्रियान्वयन में पुलिस की तत्परता, शिकायतों पर कार्रवाई और पीड़िताओं को आवश्यक सहयोग मिलना महत्वपूर्ण है। सरकार की ओर से बताई गई इन व्यवस्थाओं का वास्तविक प्रभाव उनके प्रभावी संचालन और समय पर शिकायतों के निस्तारण पर निर्भर करता है।
महानवमी पर गोरखनाथ मंदिर में कन्या पूजन
महानवमी के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना की। इसके बाद गोरक्षपीठ की परंपरा के अनुसार कन्या पूजन किया गया। उन्होंने कन्याओं के पैर धोए, माथे पर तिलक लगाया और चुनरी ओढ़ाकर उनका पूजन किया।
मुख्यमंत्री ने कन्याओं को भोजन कराया और उपहार व दक्षिणा भेंट की। इस धार्मिक अनुष्ठान में नौ कन्याओं के साथ बटुक भैरव का भी विधि-विधान से पूजन किया गया। मंदिर परिसर में दुर्गासप्तशती के मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक वातावरण बना रहा।
नवरात्र के नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की आराधना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन कन्या पूजन का विशेष महत्व है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की।
पूजा के बाद महिलाओं के सम्मान का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां भगवती की आराधना से जुड़ी भारतीय परंपराएं केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनका संदेश सामाजिक जीवन और शासन की जिम्मेदारियों में भी दिखाई देना चाहिए।
उन्होंने नारी शक्ति की भूमिका को प्रदेश की प्रगति से जोड़ते हुए कहा कि महिलाएं अपने सामर्थ्य, संकल्प और आत्मविश्वास के बल पर विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी भी है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी मां सिद्धिदात्री के आशीर्वाद का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की महिलाएं प्रदेश की प्रगति और समृद्धि में निर्णायक भूमिका निभा रही हैं।
महानिशा पूजा और हवन में भी हुए शामिल
महानवमी से पहले महाष्टमी की रात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर में आयोजित महानिशा पूजा और हवन में शामिल हुए थे। गोरक्षपीठ की परंपरा के अनुसार वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ।
इस दौरान मां दुर्गा की आराधना के साथ विभिन्न देवी-देवताओं का पूजन किया गया। हवन में विधि-विधान से आहुतियां दी गईं। अनुष्ठान के समापन पर आरती और क्षमा याचना के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
गोरखपुर पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने बाबा गोरखनाथ के दर्शन किए और अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
महिला सुरक्षा और शिकायतों के निस्तारण पर रहेगी नजर
महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस थानों में सहायता केंद्र और हेल्पलाइन जैसी व्यवस्थाएं महत्वपूर्ण हैं। इनके माध्यम से महिलाओं को अपनी शिकायत रखने और सहायता प्राप्त करने का अवसर मिलता है।
हालांकि, प्रभावी महिला सुरक्षा के लिए शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई, संवेदनशील पुलिस व्यवहार और जरूरत पड़ने पर पीड़िताओं को कानूनी सहायता उपलब्ध कराना भी जरूरी है। मिशन शक्ति जैसी पहल की सफलता इस बात से भी आंकी जाएगी कि महिलाओं को इन सुविधाओं का लाभ कितनी आसानी और प्रभावी तरीके से मिलता है।
निष्कर्ष: महानवमी पर कन्या पूजन के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण के मुद्दे पर सरकार की पहल का उल्लेख किया। महिला सहायता केंद्रों, 1090 हेल्पलाइन और मिशन शक्ति अभियान के जरिए महिलाओं को सुरक्षा व सहयोग उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

