Tiger Shroff Firing Case: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने 22 वर्षीय प्रांजल ठाकरेल को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, इंजीनियरिंग में डिप्लोमा कर चुका प्रांजल इस मामले में गिरफ्तार होने वाला 11वां आरोपी है। उसे मध्य प्रदेश के इंदौर से पकड़ा गया। जांच एजेंसियों का आरोप है कि उसने कथित तौर पर अनिल पंडित के निर्देश पर हमले की साजिश में भूमिका निभाई और शूटरों के लिए पैसों तथा अन्य इंतजामों में मदद की। पुलिस अब उसके मोबाइल फोन, डिजिटल बातचीत और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है, ताकि मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाया जा सके।
कौन है प्रांजल ठाकरेल?
प्रांजल ठाकरेल की उम्र 22 वर्ष बताई गई है और उसने इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया है। पुलिस के अनुसार, वह इससे पहले पानीपत में एक कारोबारी पर कथित हमले के मामले में जेल में बंद था और मार्च में जमानत पर बाहर आया था। जांचकर्ताओं का आरोप है कि उस मामले में भी अनिल पंडित की भूमिका थी। पुलिस को संदेह है कि जेल से बाहर आने के बाद प्रांजल दोबारा उसके संपर्क में आया और टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग से जुड़े घटनाक्रम में शामिल हुआ। हालांकि, मामले में उसकी भूमिका से जुड़े आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के जरिए होनी बाकी है।
शूटरों के लिए पैसे और हथियार जुटाने का आरोप
मुंबई क्राइम ब्रांच के अनुसार, प्रांजल पर कथित तौर पर फायरिंग की योजना में मदद करने, शूटरों तक पैसे पहुंचाने और अन्य जरूरी इंतजाम करने का आरोप है। जांच एजेंसियों का दावा है कि उसने वारदात में शामिल एक शूटर को दूसरी पिस्टल भी उपलब्ध कराई थी। पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमले की योजना बनाने से लेकर उसे अंजाम देने तक किसकी क्या भूमिका थी।
अनिल पंडित से कैसे जुड़ रहे हैं तार?
जांचकर्ताओं के मुताबिक, प्रांजल और अनिल पंडित कथित तौर पर एक गुप्त मैसेजिंग ऐप के जरिए बातचीत करते थे। पुलिस अब प्रांजल के मोबाइल फोन से मिले संदेशों और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है। इसके साथ ही वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल की जा रही है, ताकि कथित फंडिंग और संपर्कों की जानकारी मिल सके।
पुलिस अनिल पंडित की तलाश और इस मामले में उसके कथित नेटवर्क की जांच भी कर रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उसके विदेश में छिपे होने का संदेह है। हालांकि, उसकी मौजूदा स्थिति और कथित नेटवर्क से जुड़े सभी पहलुओं की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में प्रांजल
प्रांजल ठाकरेल को रविवार को मुंबई की किला कोर्ट की अवकाशकालीन पीठ के सामने पेश किया गया। अदालत ने उसे 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। पुलिस उससे पूछताछ कर फायरिंग की योजना, कथित आर्थिक मदद, हथियारों की व्यवस्था और अन्य आरोपियों के साथ उसके संपर्कों की जानकारी जुटाना चाहती है।
जांच एजेंसियों के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण है कि प्रांजल की भूमिका केवल कथित सहायता तक सीमित थी या उसने हमले की योजना बनाने में भी सक्रिय भागीदारी की थी।
18 अक्टूबर को टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई थी फायरिंग
यह घटना 18 अक्टूबर की शाम मुंबई के जुहू इलाके में हुई थी। पुलिस के मुताबिक, टाइगर श्रॉफ पुष्पा नरसी पार्क में फुटबॉल खेलने के बाद बाहर निकल रहे थे। इसी दौरान कम से कम दो लोगों ने उनकी कार पर गोलियां चलाईं और मोटरसाइकिल से फरार हो गए।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने बाद में अंधेरी में मोटरसाइकिल छोड़ दी। इसके बाद वे सूरत पहुंचे और पुणे-जयपुर एक्सप्रेस में सवार हुए। जांच के दौरान तीन कथित शूटरों को राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का कहना था कि वे दिल्ली के रास्ते नेपाल भागने की कोशिश कर रहे थे।
फायरिंग मामले में अब आगे क्या?
प्रांजल ठाकरेल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस का ध्यान कथित फंडिंग, हथियारों की व्यवस्था और अन्य आरोपियों के साथ उसके संपर्कों पर है। मोबाइल फोन से मिले डिजिटल सबूतों और वित्तीय लेनदेन की जांच से मामले की कड़ियां जोड़ने में मदद मिल सकती है।
फिलहाल, पुलिस हिरासत में पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है। प्रांजल और अन्य आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकलेगा।

