Top 10 Indian Companies: जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद भारत की सबसे मूल्यवान कंपनियों की रैंकिंग में बदलाव आया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 12.77 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप के साथ जियो प्लेटफॉर्म्स दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले, भारती एयरटेल तीसरे और एचडीएफसी बैंक चौथे स्थान पर है। आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, भारतीय स्टेट बैंक, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो और एलआईसी भी शीर्ष 10 कंपनियों में शामिल हैं।
भारत की 10 सबसे मूल्यवान कंपनियां और उनका मार्केट कैप
दिए गए आंकड़ों के अनुसार, कंपनियों की रैंकिंग और बाजार पूंजीकरण इस प्रकार है।
| रैंक | कंपनी | मार्केट कैप |
|---|---|---|
| 1 | रिलायंस इंडस्ट्रीज | ₹15,71,533.72 करोड़ |
| 2 | जियो प्लेटफॉर्म्स | ₹12.77 लाख करोड़ |
| 3 | भारती एयरटेल | ₹12,24,043.08 करोड़ |
| 4 | एचडीएफसी बैंक | ₹10,56,337.08 करोड़ |
| 5 | आईसीआईसीआई बैंक | ₹9,89,105.22 करोड़* |
| 6 | टीसीएस | ₹8,85,346.02 करोड़ |
| 7 | भारतीय स्टेट बैंक | ₹8,82,784.38 करोड़ |
| 8 | बजाज फाइनेंस | ₹5,69,519.42 करोड़ |
| 9 | लार्सन एंड टुब्रो | ₹5,24,339.82 करोड़ |
| 10 | एलआईसी | ₹4,95,943.07 करोड़ |
<text color=”secondary” size=”xs”>*आईसीआईसीआई बैंक के लिए मूल विवरण में इकाई संबंधी विसंगति है। यहां रैंकिंग के संदर्भ में दी गई राशि को करोड़ रुपये के रूप में दर्शाया गया है। ये आंकड़े उपलब्ध कराए गए विवरण पर आधारित हैं, लाइव मार्केट डेटा नहीं।</text>
1. रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर
रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है। मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली कंपनी का कारोबार तेल, केमिकल, रिटेल और टेलीकॉम जैसे प्रमुख क्षेत्रों में फैला है। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार दोपहर 2:20 बजे बीएसई पर कंपनी का मार्केट कैप 15.71 लाख करोड़ रुपये से अधिक था।
2. जियो प्लेटफॉर्म्स ने हासिल किया दूसरा स्थान
जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में शुरुआत के बाद कंपनी 12.77 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गई। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, बुधवार दोपहर 2:30 बजे इसका शेयर 1.47 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,378 रुपये पर कारोबार कर रहा था।
टेलीकॉम के अलावा डिजिटल एंटरटेनमेंट, कॉमर्स और एंटरप्राइज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी सेवाएं भी जियो के कारोबार का हिस्सा हैं।
3. भारती एयरटेल तीसरे नंबर पर
भारती एयरटेल करीब 12.24 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप के साथ तीसरे स्थान पर है। मोबाइल टैरिफ में बढ़ोतरी, प्रति ग्राहक औसत कमाई (ARPU) में सुधार और प्रीमियम प्लान पर जोर कंपनी की कारोबारी रणनीति के अहम हिस्से हैं। कंपनी ब्रॉडबैंड सेवाओं का भी विस्तार कर रही है।
जियो प्लेटफॉर्म्स की बाजार में एंट्री के बाद दोनों प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों के मूल्यांकन के बीच का अंतर कम हुआ है।
4. एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक टॉप-5 में
एचडीएफसी बैंक 10.56 लाख करोड़ रुपये से अधिक के मार्केट कैप के साथ चौथे स्थान पर है। इसका बड़ा ग्राहक आधार और व्यापक शाखा नेटवर्क प्रमुख ताकत हैं। एचडीएफसी लिमिटेड के साथ विलय के बाद बैंक का कर्ज कारोबार बढ़ा, हालांकि जमा जुटाने से जुड़ी चुनौतियां भी सामने आईं।
वहीं, आईसीआईसीआई बैंक पांचवें स्थान पर है। बैंक ने डिजिटल बैंकिंग, कर्ज की गुणवत्ता और मुनाफे में सुधार पर ध्यान दिया है।
5. टीसीएस और एसबीआई की मजबूत मौजूदगी
टाटा ग्रुप की आईटी कंपनी टीसीएस करीब 8.85 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप के साथ छठे स्थान पर है। भारतीय स्टेट बैंक लगभग 8.83 लाख करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण के साथ सातवें नंबर पर है।
इन दोनों कंपनियों की मौजूदगी दिखाती है कि भारत की प्रमुख कंपनियों की सूची में आईटी सेवाओं और बैंकिंग क्षेत्र की भी महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है।
6. बजाज फाइनेंस, एलएंडटी और एलआईसी भी टॉप-10 में
बजाज फाइनेंस लगभग 5.70 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप के साथ आठवें स्थान पर है। लार्सन एंड टुब्रो करीब 5.24 लाख करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण के साथ नौवें नंबर पर है। वहीं, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) लगभग 4.96 लाख करोड़ रुपये की वैल्यूएशन के साथ दसवें स्थान पर है।
इन कंपनियों का कारोबार क्रमशः वित्तीय सेवाओं, इंजीनियरिंग एवं निर्माण और बीमा क्षेत्र से जुड़ा है।
जियो की लिस्टिंग से बाजार में क्या बदला?
जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग ने देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों की रैंकिंग में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी दूसरे स्थान पर पहुंच गई, जबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज शीर्ष पर बनी हुई है। भारती एयरटेल तीसरे स्थान पर है।
हालांकि, बाजार पूंजीकरण शेयर की कीमतों में उतार-चढ़ाव के साथ बदलता रहता है। इसलिए इस सूची को किसी निश्चित तारीख और समय के आंकड़ों के संदर्भ में ही देखना चाहिए। निवेश संबंधी निर्णय लेने से पहले कंपनियों के ताजा वित्तीय नतीजों, बाजार भाव और आधिकारिक एक्सचेंज डेटा की जांच करना जरूरी है।

