Amroha Farmhouse Gangrape: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में हरियाणा की एक युवती से कथित सामूहिक दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। हसनपुर क्षेत्र स्थित एक फार्म हाउस में हुई कथित घटना के सिलसिले में यूपी पुलिस के दो और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के दो कर्मियों को गिरफ्तार किया गया है। अमरोहा पुलिस के मुताबिक पीड़िता की शिकायत पर कार्रवाई की गई और स्थानीय पुलिस के दोनों आरोपियों को निलंबित भी कर दिया गया है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में यूपी पुलिस के सब-इंस्पेक्टर संजय तोमर, हेड कांस्टेबल प्रमोद मलिक तथा CRPF से जुड़े लालाराम यादव और मोहित शामिल हैं। चारों पर लगे आरोपों की जांच जारी है और मामले में अंतिम दोष न्यायिक प्रक्रिया में ही तय होगा।
Amroha Farmhouse Gangrape: धार्मिक स्थल घुमाने के बहाने बुलाने का आरोप
पुलिस के शुरुआती घटनाक्रम के अनुसार हरियाणा के फतेहाबाद की रहने वाली युवती की जान-पहचान एक परिचित के जरिए CRPF कर्मी मोहित से हुई थी। इसके बाद कथित तौर पर उत्तर प्रदेश के धार्मिक स्थलों पर घूमने की बात कहकर उसे अपने साथ चलने के लिए कहा गया।
युवती पहले सोनीपत में मोहित से मिली। इसके बाद रास्ते में एक अन्य CRPF कर्मी भी उनके साथ जुड़ा। पुलिस के मुताबिक बाद में वे हसनपुर पहुंचे, जहां यूपी पुलिस के सब-इंस्पेक्टर संजय तोमर से मुलाकात हुई। इसके बाद युवती को एक फार्म हाउस ले जाया गया।
फार्म हाउस में दो कमरे लिए जाने की बात
जांच अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों ने फार्म हाउस में दो कमरे लिए थे। बाद में यूपी पुलिस का एक अन्य कर्मी भी खाना और अन्य सामान लेकर वहां पहुंचा।
युवती ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि रात के दौरान उसके साथ जबरदस्ती की गई। Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस का कहना है कि तीन आरोपियों ने कथित तौर पर उसका यौन उत्पीड़न किया, जबकि चौथे व्यक्ति के कमरे में आने पर युवती ने उसे बाहर धकेलकर दरवाजा बंद कर लिया।
पीड़िता के आरोपों की जांच पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियां कर रही हैं।
कमरे में खुद को बंद कर पुलिस को किया फोन
Amroha Farmhouse Gangrape मामले में पुलिस जांच का एक अहम हिस्सा युवती द्वारा खुद सहायता मांगना है।
पुलिस के अनुसार युवती ने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया। आरोप है कि बाहर मौजूद लोग दरवाजा खुलवाने की कोशिश कर रहे थे। इसी बीच उसने इंटरनेट पर अमरोहा पुलिस का नंबर खोजा और पुलिस को फोन कर घटना की सूचना दी।
सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम फार्म हाउस पहुंची। उस समय आरोपी वहां से निकल चुके थे, लेकिन पुलिस का कहना है कि चारों को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया गया।
किसका है फार्म हाउस?
जिस फार्म हाउस में कथित घटना हुई, उसे उत्तराखंड की खानपुर विधानसभा सीट के निर्दलीय विधायक उमेश कुमार से जुड़ा बताया गया है। आधिकारिक चुनाव और विधायक रिकॉर्ड में उमेश कुमार खानपुर से निर्दलीय विधायक हैं।
विधायक ने मामले में अपनी किसी भूमिका से इनकार किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि घटना के समय वह अपने विधानसभा क्षेत्र में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में मौजूद थे। उनका कहना है कि स्थानीय पुलिस अधिकारी और CRPF कर्मियों के आने की वजह से फार्म हाउस के केयरटेकर ने गेट खोला था।
फार्म हाउस का घटना स्थल होना अपने आप में विधायक की किसी आपराधिक भूमिका को स्थापित नहीं करता है। पुलिस जांच में फिलहाल जिन चार लोगों की गिरफ्तारी हुई है, वे पुलिस और CRPF से जुड़े कर्मी हैं।
पुलिस के दो कर्मी निलंबित
अमरोहा के पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव ने बताया कि चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
यूपी पुलिस से जुड़े दोनों कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक स्थानीय पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया गया है और सेवा से बर्खास्तगी की प्रक्रिया से जुड़ी कार्रवाई भी शुरू की गई है।
CRPF के दोनों कर्मियों के संबंध में संबंधित बल को रिपोर्ट भेजी गई है ताकि विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई की जा सके।
पीड़िता को वन स्टॉप सेंटर भेजा गया
Amroha Farmhouse Gangrape मामले में पीड़िता को पुलिस ने सहायता और आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए वन स्टॉप सेंटर भेजा है।
पुलिस ने युवती के बयान के आधार पर मामला दर्ज किया है और घटना से जुड़े दूसरे साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि फार्म हाउस तक पहुंचने से लेकर कथित घटना तक पूरा घटनाक्रम किस तरह हुआ।
मेडिकल और अन्य जांच प्रक्रिया भी इस तरह के मामलों में महत्वपूर्ण साक्ष्य का हिस्सा होती है।
फार्म हाउस के केयरटेकर का भी सामने आया पक्ष
मामले में फार्म हाउस के केयरटेकर का पक्ष भी सामने आया है।
रिपोर्ट के मुताबिक केयरटेकर ने आरोप लगाया है कि पुलिसकर्मियों ने उसे बताया था कि कुछ वरिष्ठ अधिकारी जांच के सिलसिले में आए हैं और उनके साथ एक महिला अधिकारी भी है। इसी कारण कमरे उपलब्ध कराए गए थे।
केयरटेकर ने बाद में पुलिस अधिकारियों के व्यवहार को लेकर भी शिकायत दी और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
इन दावों की भी पुलिस जांच कर रही है।
Amroha Farmhouse Gangrape में क्या-क्या सामने आया?
इस मामले में अब तक सामने आई प्रमुख जानकारी इस प्रकार है:
- घटना अमरोहा जिले के हसनपुर इलाके के एक फार्म हाउस की बताई गई है।
- पीड़िता हरियाणा की रहने वाली है।
- उसने धार्मिक स्थल घूमने के बहाने उत्तर प्रदेश लाए जाने का आरोप लगाया है।
- यूपी पुलिस के दो और CRPF के दो कर्मियों को गिरफ्तार किया गया है।
- गिरफ्तार लोगों में संजय तोमर, प्रमोद मलिक, लालाराम यादव और मोहित शामिल हैं।
- पीड़िता ने फार्म हाउस में कथित यौन उत्पीड़न की शिकायत की।
- पुलिस के मुताबिक युवती ने खुद को कमरे में बंद कर पुलिस को फोन किया।
- पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर बाद में चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
- यूपी पुलिस से जुड़े दोनों आरोपियों को निलंबित किया गया है।
- CRPF अधिकारियों को उनके कर्मियों के संबंध में रिपोर्ट भेजी गई है।
- फार्म हाउस खानपुर के निर्दलीय विधायक उमेश कुमार से जुड़ा बताया गया है।
- विधायक ने घटना में किसी भूमिका से इनकार किया है।
- मामले में पुलिस की जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है।
पुलिस जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
Amroha Farmhouse Gangrape का मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि आरोप ऐसे लोगों पर लगे हैं, जिनका संबंध पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल से है।
पुलिस ने चारों नामजद लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई शुरू की गई है। हालांकि किसी आरोपी को दोषी ठहराने का अधिकार अदालत को है। फिलहाल आरोप पीड़िता की शिकायत और पुलिस की प्रारंभिक जांच पर आधारित हैं।
आने वाले दिनों में मेडिकल रिपोर्ट, पीड़िता के बयान, फार्म हाउस से मिलने वाले साक्ष्य, मोबाइल लोकेशन और अन्य डिजिटल सबूत जांच के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
आधिकारिक जानकारी के लिए Uttar Pradesh Police और CRPF की आधिकारिक वेबसाइट देखी जा सकती है।
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