UP Rajya Sabha Election 2026: उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी में उम्मीदवारों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। लखनऊ मध्य से SP विधायक और पूर्व मंत्री रविदास मेहरोत्रा ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी तीन उम्मीदवार मैदान में उतारने पर विचार कर रही है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतिम फैसला पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव करेंगे।
मेहरोत्रा ने यह भी दावा किया कि NDA और BJP के सहयोगी दलों के कुछ विधायक समाजवादी पार्टी के संपर्क में हैं और राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग हो सकती है। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित दलों की ओर से ऐसी किसी समर्थन व्यवस्था की पुष्टि सामने नहीं आई है।
UP Rajya Sabha Election 2026 में 10 सीटों पर मतदान
उत्तर प्रदेश में इस बार 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होना है। चुनाव आयोग की घोषित समय-सारिणी के मुताबिक मतदान 16 अक्टूबर 2026 को होगा। नौ सीटें मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त होने के कारण खाली होंगी, जबकि BJP के दिनेश शर्मा के इस्तीफे के बाद एक सीट पहले ही रिक्त हो चुकी है।
इन 10 सीटों में फिलहाल आठ BJP, एक समाजवादी पार्टी और एक BSP के पास है। कार्यकाल पूरा करने वाले प्रमुख सदस्यों में SP के राम गोपाल यादव और BJP के अरुण सिंह, नीरज शेखर, हरदीप सिंह पुरी समेत अन्य सदस्य शामिल हैं।
राज्यसभा चुनाव का शेड्यूल
- 29 सितंबर: चुनाव की अधिसूचना
- 6 अक्टूबर: नामांकन की आखिरी तारीख
- 7 अक्टूबर: नामांकन पत्रों की जांच
- 9 अक्टूबर: नाम वापस लेने की अंतिम तारीख
- 16 अक्टूबर: मतदान, जरूरत पड़ने पर
- 16 अक्टूबर शाम 5 बजे: मतगणना
- 19 अक्टूबर: चुनाव प्रक्रिया पूरी करने की अंतिम तारीख
तीन उम्मीदवारों को लेकर क्या बोले रविदास मेहरोत्रा?
UP Rajya Sabha Election 2026 पर रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि उम्मीदवारों के नाम तय करने का अधिकार अखिलेश यादव के पास है।
उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि पार्टी तीन सीटों पर उम्मीदवार उतारने पर विचार कर रही है और SP विधायक नेतृत्व के साथ हैं। मेहरोत्रा ने दावा किया कि दूसरे खेमे के कुछ विधायकों के समर्थन के कारण पार्टी अतिरिक्त सीट के लिए मुकाबला कर सकती है।
फिलहाल समाजवादी पार्टी की ओर से तीन उम्मीदवारों की कोई आधिकारिक सूची घोषित नहीं हुई है। इसलिए इसे मेहरोत्रा का राजनीतिक बयान और पार्टी के भीतर चल रही संभावित रणनीति के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
NDA-BJP विधायकों को लेकर किया बड़ा दावा
मेहरोत्रा ने दावा किया कि NDA गठबंधन और BJP से जुड़े कुछ विधायक राज्य सरकार की कार्यशैली से असंतुष्ट हैं और SP के संपर्क में हैं।
उन्होंने संभावना जताई कि राज्यसभा चुनाव में ऐसे विधायक समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के पक्ष में क्रॉस वोट कर सकते हैं।
यह दावा फिलहाल केवल SP नेता की ओर से किया गया है। किन विधायकों से संपर्क है या कितने विधायक कथित तौर पर क्रॉस वोट कर सकते हैं, इस बारे में उन्होंने सार्वजनिक रूप से कोई सत्यापित सूची नहीं दी है।
तीसरे उम्मीदवार के लिए क्यों महत्वपूर्ण होगा वोटों का गणित?
राज्यसभा चुनाव में विधायक single transferable vote और proportional representation प्रणाली के तहत मतदान करते हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा में कुल 403 सीटें हैं।
यदि सभी 403 सदस्य मतदान करें और सभी वोट वैध हों, तो 10 राज्यसभा सीटों के चुनाव में एक उम्मीदवार को पहली वरीयता के लगभग 37 वोट की जरूरत पड़ सकती है। वास्तविक आंकड़ा उस दिन उपलब्ध सदस्यों, मतदान और वैध मतों के आधार पर बदल सकता है।
इसीलिए तीसरा उम्मीदवार उतारे जाने की स्थिति में अतिरिक्त वरीयता वोट, अन्य दलों का समर्थन या क्रॉस वोटिंग राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो सकती है।
यहां यह तय मानना सही नहीं होगा कि किसी दल का तीसरा उम्मीदवार जीतेगा या हारेगा। अंतिम नतीजा उम्मीदवारों की संख्या और वास्तविक मतदान पर निर्भर करेगा।
अखिलेश यादव करेंगे प्रत्याशियों पर अंतिम फैसला
मेहरोत्रा के अनुसार राज्यसभा प्रत्याशियों के नाम पर आखिरी फैसला अखिलेश यादव करेंगे।
चुनाव की अधिसूचना 29 सितंबर को जारी होनी है और उम्मीदवार 6 अक्टूबर तक नामांकन कर सकेंगे। ऐसे में आने वाले दिनों में SP और BJP दोनों की ओर से प्रत्याशियों के नाम सामने आने की उम्मीद है।
SP की मौजूदा राज्यसभा सूची में राम गोपाल यादव भी शामिल हैं, जिनका उत्तर प्रदेश से कार्यकाल इस चुनाव चक्र में समाप्त हो रहा है।
यूपी विधानसभा चुनाव पर भी बोले मेहरोत्रा
राज्यसभा चुनाव के साथ रविदास मेहरोत्रा ने 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पर भी अपनी पार्टी की स्थिति रखी।
उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में SP के पक्ष में माहौल है और BJP सरकार के खिलाफ महंगाई, बेरोजगारी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे मुद्दों पर नाराजगी है। उन्होंने चुनावी सर्वे पर भी सवाल उठाए। ये SP नेता के राजनीतिक दावे हैं; इन्हें किसी स्वतंत्र चुनावी निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
उत्तर प्रदेश विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल मई 2027 में समाप्त होना है। चुनाव आयोग ने अभी 2027 विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा नहीं की है।
2024 में राजनाथ सिंह के खिलाफ लड़ा था चुनाव
रविदास मेहरोत्रा वर्तमान में लखनऊ मध्य से समाजवादी पार्टी के विधायक हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा की आधिकारिक वेबसाइट भी उन्हें इसी सीट से SP विधायक के रूप में दर्ज करती है।
2024 लोकसभा चुनाव में उन्होंने लखनऊ से SP उम्मीदवार के रूप में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ा था।
उस चुनाव में:
- राजनाथ सिंह को 6,12,709 वोट मिले।
- रविदास मेहरोत्रा को 4,77,550 वोट मिले।
- राजनाथ सिंह ने 1,35,159 वोट से चुनाव जीता।
हालांकि लखनऊ मध्य विधानसभा सेगमेंट में मेहरोत्रा को 99,426 और राजनाथ सिंह को 91,842 वोट मिले थे। यानी इस सेगमेंट में SP की बढ़त 7,584 वोट थी।
INDIA गठबंधन पर भी दिया बयान
कांग्रेस के साथ आगामी विधानसभा चुनाव में सीट शेयरिंग से जुड़े सवाल पर मेहरोत्रा ने कहा कि गठबंधन से जुड़े निर्णय राष्ट्रीय स्तर पर अखिलेश यादव और कांग्रेस नेतृत्व के बीच बातचीत से तय होंगे।
उन्होंने साथ ही SP के अपने दम पर मजबूत प्रदर्शन का दावा भी किया। अभी 2027 विधानसभा चुनाव के लिए SP-कांग्रेस के बीच अंतिम सीट-बंटवारे की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
UP Rajya Sabha Election 2026 की बड़ी बातें
- उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव है।
- मतदान 16 अक्टूबर 2026 को होगा।
- नामांकन की आखिरी तारीख 6 अक्टूबर है।
- रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि SP तीन उम्मीदवार उतारने पर विचार कर रही है।
- उम्मीदवारों का अंतिम फैसला अखिलेश यादव करेंगे।
- मेहरोत्रा ने NDA/BJP सहयोगी विधायकों से क्रॉस वोटिंग की संभावना का दावा किया है।
- इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
- 10 UP सीटों में फिलहाल 8 BJP, 1 SP और 1 BSP के पास है।
- उत्तर प्रदेश विधानसभा में कुल 403 सीटें हैं।
- SP ने अभी तीन राज्यसभा उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची जारी नहीं की है।
अब उम्मीदवारों के नाम पर नजर
UP Rajya Sabha Election 2026 में SP की ओर से तीन उम्मीदवार उतारने की चर्चा ने चुनावी मुकाबले में नया राजनीतिक सवाल खड़ा किया है। रविदास मेहरोत्रा ने अतिरिक्त समर्थन और संभावित क्रॉस वोटिंग का दावा जरूर किया है, लेकिन वास्तविक तस्वीर उम्मीदवारों के नाम और मतदान के समय ही स्पष्ट होगी।
29 सितंबर को अधिसूचना जारी होने के बाद नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद यह साफ होगा कि समाजवादी पार्टी वास्तव में कितने प्रत्याशी उतारती है और BJP-NDA की रणनीति क्या रहती है।
राज्यसभा चुनाव की आधिकारिक जानकारी के लिए Election Commission of India और रविदास मेहरोत्रा की विधायक प्रोफाइल के लिए Uttar Pradesh Legislative Assembly देख सकते हैं।
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