मेरठ। Meerut House Fire मामले में उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के मवाना में एक घर में आग लगने से 30 वर्षीय आशु की मौत हो गई। घटना मंगलवार तड़के करीब 3 बजे काबली गेट मोहल्ले की वाल्मीकि वाली गली में हुई। दमकल की दो गाड़ियों ने करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस घटना में घर का काफी सामान जलकर नष्ट हो गया। आशु की मौत के बाद आग लगने की वजह को लेकर सवाल उठ रहे हैं। परिवार ने शॉर्ट सर्किट को संभावित कारण बताया है, जबकि पुलिस पत्नी से विवाद के बाद आशु द्वारा खुद आग लगाने की आशंका की जांच कर रही है। फिलहाल आग लगने की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
Meerut House Fire: पत्नी से विवाद के बाद मायके गई थी रेनू
पुलिस के मुताबिक, आशु का सोमवार को पत्नी रेनू से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद रेनू अपने तीनों बच्चों को लेकर मायके चली गई थी। बताया गया कि पत्नी के जाने के बाद आशु परेशान था और सोने की बात कहकर पहली मंजिल पर स्थित अपने कमरे में चला गया।
आशु का परिवार उसी मकान में अलग-अलग मंजिलों पर रहता था। भूतल पर उसकी मां गीता और बड़े भाई प्रिंस का परिवार रहता था, जबकि दूसरी मंजिल पर छोटा भाई अजय अपने परिवार के साथ रहता था।
पुलिस इस पारिवारिक विवाद को घटना से जुड़े संभावित पहलुओं में शामिल कर जांच कर रही है। हालांकि, केवल विवाद के आधार पर आग लगने की वजह तय नहीं की जा सकती। वास्तविक स्थिति जांच और फोरेंसिक साक्ष्यों के बाद ही स्पष्ट होगी।
तड़के तीन बजे लगी आग, तीन घंटे बाद पाया काबू
मंगलवार तड़के करीब तीन बजे घर में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। घर से धुआं उठता देखकर आसपास के लोगों ने पुलिस और अग्निशमन विभाग को सूचना दी। इसके बाद मवाना पुलिस और दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं।
आग तेजी से फैलने के कारण दमकलकर्मियों को उसे बुझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। दो दमकल गाड़ियों की मदद से करीब तीन घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान घर के अन्य सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकालने की कार्रवाई भी की गई।
आग बुझने के बाद आशु गंभीर रूप से झुलसी हालत में मिला। उसे बचाया नहीं जा सका। हादसे में घर के अंदर रखा कीमती सामान भी जल गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार रात परिजनों ने बिजनौर के गंगा बैराज पर अंतिम संस्कार किया।
कमरे का दरवाजा अंदर से बंद होने की बात आई सामने
घटना के समय आशु पहली मंजिल पर अपने कमरे में था। रिपोर्ट के अनुसार, कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। परिवार के दूसरे सदस्य मकान की अन्य मंजिलों पर सो रहे थे। घर में आग लगने की जानकारी उन्हें तुरंत नहीं मिल सकी।
स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस और दमकल विभाग मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कमरे तक पहुंचकर राहत एवं बचाव की कार्रवाई की, लेकिन तब तक आशु गंभीर रूप से झुलस चुका था।
कमरे की स्थिति, आग फैलने का तरीका और घटनास्थल से मिलने वाले साक्ष्य जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आग किस वजह से लगी।
भाई ने शॉर्ट सर्किट बताया, पुलिस दूसरे पहलुओं की भी कर रही जांच
Meerut House Fire मामले में परिवार और पुलिस की शुरुआती जानकारी में अंतर सामने आया है। आशु के बड़े भाई प्रिंस ने आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई है। दूसरी ओर, क्षेत्राधिकारी पंकज लवानिया के अनुसार, प्रारंभिक जांच में पत्नी से विवाद के बाद आशु द्वारा खुद आग लगाने की आशंका सामने आई है।
पुलिस ने बताया कि आशु के शराब पीने और पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होने की बात भी जांच में सामने आई है। हालांकि, ये परिस्थितियां अपने आप में आग लगने के कारण का निर्णायक प्रमाण नहीं हैं।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुरेंद्र सिंह के अनुसार, अग्निशमन विभाग घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रहा है। फोरेंसिक टीम भी घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों का परीक्षण कर रही है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि आग दुर्घटनावश लगी या इसके पीछे कोई दूसरी वजह थी। जांच पूरी होने के बाद ही इस सवाल का जवाब मिल सकेगा।
आशु की मौत के बाद परिवार में मातम
आशु की मौत से परिवार में शोक का माहौल है। उसकी मां और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद मोहल्ले के लोग भी स्तब्ध हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, अंतिम संस्कार के बाद भी पत्नी रेनू अपने तीनों बच्चों के साथ ससुराल नहीं लौटी। आशु के बड़े भाई प्रिंस ने भी उसके वापस नहीं आने की बात कही। हालांकि, उसने पति-पत्नी के बीच विवाद की मुख्य वजह के बारे में जानकारी होने से इनकार किया।
आशु के परिवार में पत्नी रेनू और तीन बच्चे हैं। इनमें पांच वर्षीय बेटा भव्य, ढाई वर्षीय बेटी दिविशा और एक वर्षीय बच्चा कयरु शामिल हैं। परिवार पहले भी एक दुखद घटना का सामना कर चुका है। जानकारी के मुताबिक, आशु के छोटे भाई ने करीब पांच साल पहले आत्महत्या कर ली थी।
बेरोजगारी और पारिवारिक तनाव की भी जांच
क्षेत्राधिकारी पंकज लवानिया के अनुसार, आशु फिलहाल बेरोजगार था। उसके पिता सुदेश कुमार बिजनौर जिला पंचायत में सफाई कर्मचारी के पद पर कार्यरत हैं। बताया गया कि आशु पहले एक बैंक में निजी नौकरी करता था, लेकिन कुछ समय से उसके पास काम नहीं था।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, बेरोजगारी और वैवाहिक जीवन में चल रहे विवादों के कारण वह परेशान रहता था। पुलिस इन जानकारियों की भी पड़ताल कर रही है। हालांकि, किसी व्यक्ति की मानसिक स्थिति या घटना के पीछे की वजह के बारे में निष्कर्ष निकालने से पहले पर्याप्त साक्ष्य जरूरी हैं।
Meerut House Fire: पुलिस जांच के बाद खुलेगा राज
सीओ पंकज लवानिया के अनुसार, घटना के संबंध में उस समय तक परिवार की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई थी। एसपी देहात अभिजीत कुमार ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस आग लगने की वजह, पारिवारिक विवाद और घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
निष्कर्ष: मेरठ के मवाना में आग लगने से आशु की मौत के मामले में फिलहाल कई सवाल अनसुलझे हैं। परिवार शॉर्ट सर्किट की आशंका जता रहा है, जबकि पुलिस दूसरे संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। फोरेंसिक रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही आग लगने की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

