Lucknow STF Wildlife Smuggling: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एसटीएफ (STF) ने वन्यजीवों की अंतरराष्ट्रीय तस्करी करने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मदेयगंज थाना क्षेत्र के इरादत नगर इलाके से मुंबई निवासी एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। उसके कब्जे से सात दुर्लभ प्रजाति के फाल्कन बरामद किए गए हैं। एसटीएफ के मुताबिक, इन पक्षियों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 14 करोड़ रुपये है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि तस्करी का यह नेटवर्क उत्तर प्रदेश के जंगलों से पक्षियों को पकड़कर मुंबई के रास्ते विदेशों तक पहुंचाता था। आरोपी ने दुबई, सऊदी अरब और बहरीन में पक्षियों की सप्लाई किए जाने की जानकारी भी दी है।
गुप्त सूचना के बाद STF ने बनाया एक्शन प्लान
एसटीएफ को काफी समय से संरक्षित वन्यजीवों की अवैध तस्करी करने वाले गिरोह के सक्रिय होने की जानकारी मिल रही थी। इसके बाद अधिकारियों ने तस्करी नेटवर्क से जुड़े लोगों की निगरानी और सूचना जुटाने के निर्देश दिए।
अपर पुलिस अधीक्षक अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में एसटीएफ की लखनऊ टीम इस गिरोह पर नजर रख रही थी। इसी दौरान उपनिरीक्षक फैजुद्दीन सिद्दीकी के नेतृत्व वाली टीम को सूचना मिली कि मुंबई का एक व्यक्ति प्रतिबंधित प्रजाति के पक्षियों को लेकर लखनऊ पहुंचने वाला है।
इसके बाद एसटीएफ ने वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB), लखनऊ से संपर्क किया और संयुक्त कार्रवाई की योजना बनाई।
इरादत नगर में घेराबंदी कर आरोपी गिरफ्तार
30 अक्टूबर की शाम करीब 7:30 बजे एसटीएफ और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो की संयुक्त टीम ने मदेयगंज थाना क्षेत्र के इरादत नगर मोहल्ले में एक मकान के पास कार्रवाई की।
यहां मुंबई निवासी फिरोज मुसर्रत खान को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से सात दुर्लभ फाल्कन, एक मोबाइल फोन और एक आधार कार्ड बरामद हुआ।
एसटीएफ के अनुसार, बरामद पक्षी संरक्षित वन्यजीव श्रेणी में आते हैं। इनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 14 करोड़ रुपये बताई गई है।
यूपी के जंगलों से दुबई और बहरीन तक फैला था नेटवर्क
पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि उसका एक गिरोह है, जो संरक्षित पक्षियों और अन्य वन्यजीवों की अवैध तस्करी करता है।
एसटीएफ की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, गिरोह के सदस्य गोरखपुर, लखीमपुर खीरी और सीतापुर के जंगलों से पक्षियों को पकड़कर इकट्ठा करते थे। इसके बाद इन्हें मुंबई के रास्ते अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाया जाता था।
आरोपी ने कथित तौर पर दुबई, सऊदी अरब और बहरीन में पक्षियों की सप्लाई किए जाने की बात भी स्वीकार की है।
इस खुलासे के बाद अब जांच एजेंसियों के सामने गिरोह के दूसरे सदस्यों की पहचान करने और तस्करी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने की चुनौती है।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षित प्रजातियों का अवैध शिकार, पकड़ना, रखना और उनका कारोबार करना दंडनीय अपराध है।
अधिनियम की अनुसूची-1 में शामिल वन्यजीवों को सबसे उच्च स्तर का कानूनी संरक्षण दिया गया है। इनके अवैध कारोबार और शिकार पर सख्त सजा तथा जुर्माने का प्रावधान है।
एसटीएफ की इस कार्रवाई को संरक्षित पक्षियों की तस्करी के खिलाफ महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। हालांकि, बरामद पक्षियों की प्रजाति और उनसे जुड़े अन्य तथ्यों की जांच भी महत्वपूर्ण होगी।
मदेयगंज थाने में मुकदमा दर्ज, आगे की जांच जारी
एसटीएफ ने गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ मदेयगंज थाने में मुकदमा अपराध संख्या 135/2026 दर्ज कराया है। उसके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9, 39, 49, 50 और 51 के तहत कार्रवाई की गई है।
फिलहाल मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई स्थानीय पुलिस कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और संरक्षित पक्षियों को जंगलों से पकड़कर विदेशों तक पहुंचाने का पूरा नेटवर्क कैसे काम करता था।

