Bahujan Samaj Party की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने देश के अलग-अलग हिस्सों में खराब मौसम से प्रभावित लोगों की मदद के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय होने को कहा है। मायावती ने कार्यकर्ताओं से अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंद लोगों की सहायता करने की अपील की है। साथ ही निर्देश दिया है कि राहत कार्य के नाम पर अलग से धनराशि एकत्र न की जाए, ताकि राहत के नाम पर किसी तरह के दुरुपयोग की गुंजाइश न रहे।
यह निर्देश ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी और तेज हवाओं को लेकर मौसम चेतावनियां जारी की गई हैं। 27 सितंबर के लिए कई राज्यों में बारिश और आंधी की संभावना जताई गई थी। उत्तर प्रदेश में भी 24 से 27 सितंबर के बीच कई हिस्सों के लिए बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई।
Bahujan Samaj Party कार्यकर्ताओं से मदद की अपील
Bahujan Samaj Party प्रमुख मायावती ने कहा कि प्राकृतिक आपदा जैसी परिस्थितियों में प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता मिलनी चाहिए। उन्होंने संबंधित राज्य सरकारों से भी राहत और बचाव कार्यों को प्राथमिकता देने की मांग की।
मायावती के निर्देश के मुताबिक BSP कार्यकर्ता प्रभावित इलाकों में अपनी व्यक्तिगत और संगठनात्मक क्षमता के अनुसार लोगों की सहायता कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए अलग से चंदा या फंड एकत्र नहीं किया जाना चाहिए।
इस निर्देश का उद्देश्य राहत गतिविधियों को स्थानीय स्तर पर सीधे जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाना और धन संग्रह से संबंधित किसी संभावित विवाद को रोकना बताया गया है।
Bahujan Samaj Party: राज्य और केंद्र सरकारों से राहत की मांग
मायावती ने मौसम से प्रभावित क्षेत्रों में संबंधित सरकारों से लोगों को जरूरी सहायता उपलब्ध कराने को कहा है। उनका कहना है कि प्राकृतिक परिस्थितियों से प्रभावित लोगों को भोजन, रहने की व्यवस्था और दूसरी आवश्यक सुविधाएं समय पर मिलनी चाहिए।
मायावती इससे पहले भी बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान केंद्र और राज्य सरकारों से प्रभावित परिवारों को राहत देने की मांग करती रही हैं। सितंबर की शुरुआत में भी BSP की बैठक के दौरान उन्होंने नेपाल में बाढ़ और उत्तर प्रदेश के प्रभावित क्षेत्रों का मुद्दा उठाया था तथा सरकारों से पर्याप्त सहायता की अपील की थी।
महाराष्ट्र के किसानों को लेकर क्या कहा?
Bahujan Samaj Party प्रमुख ने महाराष्ट्र में प्रभावित किसानों की स्थिति पर भी चिंता जताई है। यहां मौजूदा संकट भारी बारिश के बजाय मुख्य रूप से बारिश की कमी और लंबे dry spell से जुड़ा है।
महाराष्ट्र सरकार ने 26 सितंबर को राज्य के 358 में से 265 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया है। यह राज्य के करीब 74 प्रतिशत तालुकों के बराबर है। सरकार ने कृषि ऋण पुनर्गठन, भूमि राजस्व में राहत और कृषि ऋण वसूली टालने जैसे उपाय भी घोषित किए हैं।
मायावती ने मांग की है कि किसानों को केवल औपचारिक घोषणाओं तक सीमित राहत न मिले, बल्कि वास्तविक नुकसान का आकलन कर प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाई जाए।
महाराष्ट्र सरकार ने भी प्रभावित किसानों को तत्काल सहायता देने और फसल नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। मराठवाड़ा और विदर्भ के कई इलाकों में बारिश की कमी से खरीफ फसलों पर असर पड़ा है।

Bahujan Samaj Party: BSP के तीन सेक्टरों का क्या है सिस्टम?
Bahujan Samaj Party ने अपने राष्ट्रीय संगठन को हाल में अलग-अलग सेक्टरों में व्यवस्थित किया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को अलग रखते हुए दूसरे राज्यों को दो बड़े संगठनात्मक सेक्टरों में बांटा गया है।
सेक्टर-1 में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब-चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड समेत 10 राज्य हैं। इसकी जिम्मेदारी राज्यसभा सांसद रामजी गौतम और सुरेश राव को दी गई है।
सेक्टर-2 में पश्चिम बंगाल, ओडिशा, महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल समेत नौ राज्य बताए गए हैं। यहां राजाराम और अतर सिंह राव को संगठनात्मक जिम्मेदारी दी गई है।
मायावती ने इन सेक्टरों से जुड़े पदाधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय पार्टी इकाइयों के जरिए राहत कार्य में सहयोग करने को कहा है।
Bahujan Samaj Party: ईशान आनंद को हाल में मिली बड़ी जिम्मेदारी
BSP में हाल के दिनों में संगठनात्मक स्तर पर कई बदलाव हुए हैं। 23 सितंबर को हुई ऑल इंडिया बैठक में मायावती ने अपने भतीजे ईशान आनंद को पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया।
ऐसे में ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में जरूरत के आधार पर राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारियों को भेजने की व्यवस्था भी पार्टी की ओर से की जा सकती है। मायावती ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की परिस्थितियों पर खुद नजर रखने की बात कही है।
अलग फंड जुटाने से क्यों किया मना?
Bahujan Samaj Party की ओर से कार्यकर्ताओं को राहत कार्य में शामिल होने के साथ अलग से धन एकत्र नहीं करने का निर्देश खास है। इसके तहत कार्यकर्ताओं को अपनी सामर्थ्य और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार जरूरतमंदों की मदद करने को कहा गया है।
इससे पार्टी की ओर से राहत गतिविधियों और वित्तीय संग्रह को अलग रखने की कोशिश दिखाई देती है। प्रभावित लोगों तक भोजन, आवश्यक वस्तुएं या दूसरी प्रत्यक्ष सहायता पहुंचाने पर जोर दिया गया है।
मायावती ने साथ ही सरकारों से भी कहा है कि प्राकृतिक आपदाओं या मौसम संबंधी संकट से प्रभावित परिवारों की मदद मुख्य रूप से प्रशासन और सरकारी राहत व्यवस्था के जरिए सुनिश्चित की जाए।
फिलहाल अलग-अलग राज्यों में मौसम की स्थिति एक जैसी नहीं है। कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश और आंधी का खतरा है, जबकि महाराष्ट्र के बड़े हिस्से सूखे से प्रभावित हैं। ऐसे में Bahujan Samaj Party की ओर से राज्यवार परिस्थितियों के हिसाब से कार्यकर्ताओं को राहत गतिविधियों में सहयोग करने का निर्देश दिया गया है।
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