CJP Protest को लेकर दिल्ली में राजनीतिक और कानूनी घटनाक्रम चर्चा में है। दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़े सौरव दास और आशुतोष रांका की हिरासत बढ़ाने की मांग की है। दोनों को मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन लाकर विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) के समक्ष पेश किया गया। इसी बीच CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर दोनों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि सौरव दास और आशुतोष रांका ने दूसरों के अधिकारों और समाज में बदलाव की उम्मीद के लिए अपनी आरामदायक जिंदगी छोड़कर संघर्ष का रास्ता चुना।
CJP Protest: पुलिस ने हिरासत बढ़ाने की मांग की
दिल्ली में CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की हिरासत का मामला एक बार फिर चर्चा में है। पुलिस ने दोनों को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर हिरासत की अवधि बढ़ाने की मांग की है।
हालांकि, हिरासत बढ़ाने की मांग और अदालत के अंतिम फैसले में अंतर है। मामले में आगे की कानूनी स्थिति संबंधित आदेश और कार्यवाही से स्पष्ट होगी।
अभिजीत दीपके ने दोनों की जमकर तारीफ की
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने सौरव दास और आशुतोष रांका के फैसले को साहसिक बताते हुए कहा कि दोनों के पास अपने करियर और निजी जीवन पर ध्यान देने के पर्याप्त अवसर थे, लेकिन उन्होंने समाज के लिए काम करने का रास्ता चुना।
दीपके के मुताबिक, आशुतोष रांका लंदन में कॉर्पोरेट क्षेत्र में अच्छी नौकरी कर रहे थे, जबकि सौरव दास कानूनी व्यवस्था से जुड़े विषयों पर लिखते थे। इसके बावजूद दोनों ने अपनी पुरानी जिंदगी से अलग रास्ता अपनाने और अनिश्चितताओं का सामना करने का फैसला किया।
‘उन लोगों के लिए खड़े हुए, जिन्हें जानते भी नहीं’
अभिजीत दीपके ने कहा कि सौरव दास और आशुतोष रांका की खासियत यह है कि वे उन लोगों के अधिकारों के लिए खड़े हुए, जिन्हें वे व्यक्तिगत रूप से जानते तक नहीं थे।
उन्होंने अपने संदेश में इस बात पर जोर दिया कि दूसरों के संघर्षों को समझना और उनके लिए आवाज उठाना महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, समाज में बदलाव लाने के लिए कई बार व्यक्ति को अपनी सुविधाओं और निजी हितों से आगे बढ़कर सोचना पड़ता है।
दीपके ने दोनों के इसी जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने बेहतर समाज की उम्मीद में जोखिम उठाने का फैसला किया।
आगे क्या होगा?
अब इस मामले में दिल्ली पुलिस की हिरासत बढ़ाने की मांग और संबंधित मजिस्ट्रेट की कार्यवाही पर नजर रहेगी। हिरासत की अवधि बढ़ाने या आगे की कार्रवाई को लेकर अंतिम स्थिति आधिकारिक आदेश से ही स्पष्ट होगी।
निष्कर्ष: CJP Protest के बीच सौरव दास और आशुतोष रांका की हिरासत का मामला चर्चा में है। एक ओर दिल्ली पुलिस ने हिरासत बढ़ाने की मांग की है, वहीं अभिजीत दीपके ने दोनों के सामाजिक सरोकारों और दूसरों के अधिकारों के लिए खड़े होने के फैसले की सराहना की है।

