उत्तर प्रदेश में 2027 की चुनावी लड़ाई अभी शुरू नहीं हुई है… लेकिन बीजेपी के भीतर रिश्तों की रीडिंग शुरू हो चुकी है। कौन किसके करीब है, कौन थोड़ा दूर है और किसकी मुख्यमंत्री आवास तक आवाजाही कम हो गई है—इन सवालों के बीच संजीव बालियान ने एक ऐसा शेर पढ़ दिया, जिसने सियासी कहानी में नया ट्विस्ट जोड़ दिया।
जब उनसे पूछा गया कि क्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके रिश्तों में दूरी आई है, तो बालियान ने सीधा जवाब देने के बजाय कहा— “यूं ही कोई बेवफा नहीं होता, कुछ तो मजबूरियां रही होंगी…”
