Nana Patekar Wife: अपनी दमदार आवाज, तीखे संवाद और अलग अभिनय शैली से भारतीय सिनेमा में खास पहचान बनाने वाले नाना पाटेकर के संघर्ष के दिनों में उनकी पत्नी नीलकंठी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। नाना ने एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि जब वह थिएटर में अपना करियर बनाने की कोशिश कर रहे थे, तब उनकी कमाई बेहद कम थी और घर की आर्थिक जिम्मेदारी काफी हद तक उनकी पत्नी संभाल रही थीं।
नाना पाटेकर का गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को 75 साल की उम्र में गोवा में निधन हो गया। उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने निधन की पुष्टि की। रिपोर्टों के मुताबिक अभिनेता को उनके गोवा स्थित घर पर cardiac arrest हुआ था। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें revive नहीं किया जा सका।
उनके निधन के बाद उनके पुराने इंटरव्यू, निजी जिंदगी और संघर्ष से जुड़े कई किस्से फिर चर्चा में हैं। इन्हीं में से एक कहानी उनकी पत्नी नीलकंठी के साथ उनके रिश्ते और शुरुआती दिनों के आर्थिक संघर्ष की है।
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Nana Patekar Wife: नाटक के दौरान हुई थी नीलकंठी से मुलाकात
नाना पाटेकर ने एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि उनकी मुलाकात नीलकंठी से नाटक ‘जात न पूछो साधु की’ के दौरान हुई थी।
नीलकंठी भी थिएटर से जुड़ी थीं, लेकिन इसके साथ वह एक बैंक में अधिकारी के तौर पर नौकरी करती थीं। उस दौर में नाना अपने अभिनय करियर की शुरुआत कर रहे थे और थिएटर से उनकी आमदनी बहुत कम थी।
नाना ने बताया था कि उन्हें एक नाटक के शो के लिए महज 50 रुपए मिलते थे। महीने में 15 से 20 शो करने के बाद भी उनकी कमाई करीब 750 रुपए तक ही पहुंचती थी।
दूसरी तरफ नीलकंठी की बैंक की नौकरी से करीब 2,500 रुपए महीने की सैलरी आती थी। उस समय यह रकम परिवार को आर्थिक स्थिरता देने के लिए काफी महत्वपूर्ण थी।
Nana Patekar Wife: पत्नी ने कहा- एक्टिंग करना है तो करो
नाना पाटेकर ने उस बातचीत में पत्नी के समर्थन को याद करते हुए बताया था कि उनके सामने उस समय यह सवाल था कि अभिनय को पूर्णकालिक करियर बनाया जाए या आर्थिक सुरक्षा के लिए कोई दूसरा रास्ता चुना जाए।
नीलकंठी ने उन्हें भरोसा दिया कि वह नौकरी कर रही हैं और परिवार की आमदनी बनी रहेगी, इसलिए नाना अपने अभिनय के सपने को आगे बढ़ा सकते हैं।
नाना ने बाद में माना था कि उस समय किसी को पता नहीं था कि वह अभिनेता के रूप में सफल होंगे या नहीं। पत्नी से मिली आर्थिक सुरक्षा और हौसले की वजह से ही वह बिना तत्काल कमाई की चिंता किए थिएटर और अभिनय पर ध्यान दे सके।
Nana Patekar Wife: ‘आज जो हूं, उसमें पत्नी का बड़ा योगदान’
नाना पाटेकर अपने संघर्ष के दौर की बात करते हुए पत्नी के योगदान को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करते रहे।
2015 के एक इंटरव्यू में भी उन्होंने बताया था कि नीलकंठी उनसे कहीं ज्यादा कमाती थीं और उन्हीं के भरोसे ने उन्हें अपनी पसंद का काम जारी रखने की आजादी दी।
यही दौर आगे चलकर नाना पाटेकर के लंबे फिल्मी करियर की नींव बना।
1978 में फिल्म ‘गमन’ से उनके फिल्मी सफर की शुरुआत हुई और बाद में परिंदा, प्रहार, क्रांतिवीर, अग्नि साक्षी, खामोशी, अब तक छप्पन, राजनीति, नटसम्राट और वेलकम जैसी फिल्मों ने उन्हें भारतीय सिनेमा के सबसे अलग अभिनेताओं में शामिल कर दिया।
Nana Patekar Wife: लंबे समय तक अलग रहे नाना और नीलकंठी
नाना पाटेकर और नीलकंठी का वैवाहिक जीवन भी आसान नहीं रहा।
रिपोर्टों के मुताबिक दोनों ने अपनी शादीशुदा जिंदगी का काफी समय अलग-अलग रहते हुए बिताया, हालांकि दोनों ने कानूनी तौर पर तलाक नहीं लिया। नीलकंठी परिवार और बेटे मल्हार के साथ रहीं, जबकि नाना अलग रहने लगे थे।
इसके बावजूद नाना ने पुराने इंटरव्यू में पत्नी के शुरुआती योगदान को खुले तौर पर स्वीकार किया और उनके प्रति आभार जताया।
नीलकंठी ने बाद में अभिनय से भी दूरी बना ली और परिवार की जिम्मेदारियों पर ध्यान दिया।
Nana Patekar Wife: बड़े बेटे दुर्वासा की मौत ने बदल दी जिंदगी
नाना और नीलकंठी के जीवन में सबसे बड़ा व्यक्तिगत दुख उनके बड़े बेटे दुर्वासा की मौत थी।
नाना ने बताया था कि उनका बेटा cleft palate यानी तालू में जन्मजात दरार के साथ पैदा हुआ था और उसकी एक आंख की दृष्टि में भी परेशानी थी। दुर्वासा की केवल ढाई साल की उम्र में मौत हो गई।
इस घटना को याद करते हुए नाना ने बेहद आत्मालोचनात्मक तरीके से स्वीकार किया था कि शुरुआती समय में वह अपने बेटे की परेशानी से ज्यादा इस बात को लेकर चिंतित थे कि दूसरे लोग उनके बारे में क्या सोचेंगे।
बाद में उन्होंने कहा कि बेटे के छोटे से जीवन ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया और जीवन को देखने का उनका नजरिया बदल दिया।
उनका दूसरा बेटा मल्हार पाटेकर आगे चलकर फिल्म निर्माण और निर्देशन से जुड़ा।
Nana Patekar Wife: पत्नी के सहारे से शुरू हुआ था फिल्मी सफर
Nana Patekar Wife से जुड़ी यह कहानी नाना पाटेकर के करियर का वह पहलू दिखाती है, जो उनकी फिल्मों और चर्चित किरदारों के पीछे अक्सर दिखाई नहीं देता।
जब नाना की कमाई एक शो के 50 रुपए थी और यह भी तय नहीं था कि अभिनय से भविष्य बन पाएगा या नहीं, तब नीलकंठी की नौकरी परिवार के लिए आर्थिक सहारा बनी।
Nana Patekar Wife, नाना ने बाद में खुद स्वीकार किया कि पत्नी के इस भरोसे ने उन्हें अभिनय को पेशा बनाने का साहस दिया।
Nana Patekar Wife, इसके बाद करीब पांच दशक लंबे करियर में उन्होंने हिंदी और मराठी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया और 2013 में पद्मश्री भी मिला।
8 अक्टूबर 2026 को उनके निधन के साथ भारतीय सिनेमा के एक लंबे अध्याय का अंत हो गया, लेकिन उनके संघर्ष के वर्षों की यह कहानी बताती है कि पर्दे पर दिखाई देने वाली सफलता के पीछे अक्सर परिवार के किसी सदस्य का ऐसा योगदान भी होता है, जो कैमरे के सामने कभी दिखाई नहीं देता।

