OP Rajbhar on MLC Election Results: उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कांग्रेस के प्रदर्शन पर सवाल उठाए। राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव को अपने मित्र राहुल गांधी को भी चुनावी नतीजों के लिए बधाई देनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को सीटों में आधा हिस्सा चाहिए, लेकिन समर्थन देने के मामले में उसका प्रदर्शन जीरो रहा। राजभर के इस बयान से यूपी में सपा और कांग्रेस के रिश्तों को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
कांग्रेस को लेकर ओपी राजभर ने क्या कहा?
ओम प्रकाश राजभर ने एमएलसी चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि कई जगह पार्टी को उम्मीदवार तक नहीं मिला और जहां प्रत्याशी मैदान में थे, वहां भी उसे सफलता नहीं मिली।
उन्होंने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी बधाई देनी चाहिए। राजभर के बयान का मुख्य निशाना कांग्रेस का चुनावी प्रदर्शन और सपा के साथ उसके राजनीतिक संबंध रहे।
‘सीटें चाहिए आधी, समर्थन जीरो’
ओपी राजभर ने आगामी विधानसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस खुद को समाजवादी पार्टी का बड़ा भाई मानती है और उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में से 200 से ज्यादा सीटों की मांग करती है।
राजभर ने अखिलेश यादव को सलाह देते हुए कहा कि जब कांग्रेस सीटों के बंटवारे की बात करे, तो एमएलसी चुनाव के प्रदर्शन और सपा उम्मीदवारों को मिले समर्थन पर भी सवाल पूछे जाने चाहिए।
उन्होंने पूछा कि जब समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे थे, तब कांग्रेस का कौन-सा नेता उनके समर्थन में खड़ा हुआ? इसी संदर्भ में उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हिस्सा चाहिए ‘आधा’ और समर्थन ‘जीरो’।
सपा-कांग्रेस गठबंधन पर क्यों उठे सवाल?
ओपी राजभर के इस बयान को उत्तर प्रदेश में सपा और कांग्रेस के बीच संभावित सीट बंटवारे की राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों के बीच सीटों की संख्या, चुनावी रणनीति और एक-दूसरे को मिलने वाले समर्थन जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
राजभर ने अपने बयान के जरिए यह सवाल उठाया कि गठबंधन में अधिक सीटों की मांग करने वाली पार्टी को चुनावी मैदान में सहयोग भी देना चाहिए। हालांकि, सीट बंटवारे को लेकर दोनों दलों के बीच अंतिम समझौते की स्थिति इस बयान से तय नहीं होती।
एमएलसी चुनाव के बाद यूपी में सियासी घमासान
एमएलसी चुनाव के नतीजों के बाद उत्तर प्रदेश में भाजपा, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। जहां विपक्षी दल चुनावी परिणामों को लेकर भाजपा पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं ओपी राजभर जैसे सत्तापक्ष के नेता विपक्षी गठबंधन की एकजुटता और चुनावी प्रदर्शन को निशाना बना रहे हैं।
अब देखना होगा कि अखिलेश यादव और कांग्रेस की ओर से राजभर के इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया आती है और 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सीटों के बंटवारे को लेकर सपा-कांग्रेस के बीच क्या रणनीति बनती है।

