UP 68,500 Teacher Recruitment Protest: उत्तर प्रदेश की 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती-2018 में आरक्षण विसंगति दूर करने और नियुक्ति की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने लखनऊ में प्रदर्शन किया। पिछले 56 दिनों से धरना दे रहे अभ्यर्थी सोमवार को बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास के बाहर पहुंचे। यहां उन्होंने राम दरबार स्थापित कर सुंदरकांड का पाठ किया। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बसों में बैठाकर इको गार्डन भेज दिया।
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से आरक्षण संबंधी विसंगतियों को दूर करने और संबंधित आयोगों के आदेशों का अनुपालन कराने की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि अब तक उनकी मांगों पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
मंत्री आवास के बाहर सुंदरकांड पाठ कर जताया विरोध
अभ्यर्थी सोमवार सुबह करीब 11 बजे शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर एकत्र हुए। वाल्मीकि जयंती के अवसर पर उन्होंने राम दरबार स्थापित कर सुंदरकांड का पाठ शुरू किया। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, उनका उद्देश्य शांतिपूर्ण तरीके से सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित करना था।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने हस्तक्षेप किया और अभ्यर्थियों को बसों के जरिए इको गार्डन पहुंचा दिया। इसके बाद आंदोलनकारियों ने मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने की बात कही।
56 दिनों से जारी है अभ्यर्थियों का आंदोलन
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे तूफान सिंह और आशुतोष वर्मा के अनुसार, अभ्यर्थी पिछले 56 दिनों से धरना दे रहे हैं। उनकी प्रमुख मांग भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण संबंधी विसंगति दूर करना और पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति दिलाना है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे संबंधित अधिकारियों, मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों से कई बार मुलाकात कर चुके हैं। इसके बावजूद उन्हें अब तक कोई अंतिम समाधान नहीं मिला है। इसी कारण उन्होंने दोबारा शिक्षा मंत्री के आवास पर प्रदर्शन किया।
OBC अभ्यर्थियों के लिए परिणाम संशोधित करने की मांग
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के पात्र अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ देने और भर्ती परिणाम संशोधित करने से जुड़ी है। उनका कहना है कि 150 में से 60 अंक यानी 40 प्रतिशत के आधार पर परिणाम संशोधित किया जाना चाहिए।
इसके अलावा, अभ्यर्थियों ने कथित आरक्षण विसंगति के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग भी उठाई है। हालांकि, इन मांगों पर सरकार के अंतिम निर्णय और संबंधित आयोगों के आदेशों की वर्तमान स्थिति की पुष्टि आधिकारिक दस्तावेजों से होना बाकी है।
भूख हड़ताल और ‘दस्तक दो अभियान’ का ऐलान
धरना प्रभारी नवीन चौधरी ने कहा कि अभ्यर्थी अब अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल शुरू करेंगे। उनके मुताबिक, जब तक सरकार की ओर से ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक धरना और क्रमिक भूख हड़ताल जारी रखने की योजना है।
आंदोलनकारियों ने ‘दस्तक दो अभियान’ चलाने की भी घोषणा की है। इसके तहत अभ्यर्थी प्रतिदिन किसी जनप्रतिनिधि के आवास पर पहुंचकर अपनी मांगें रखेंगे। उनका कहना है कि वे लोकतांत्रिक तरीके से सरकार तक अपनी बात पहुंचाना चाहते हैं।
महिला अभ्यर्थियों ने भी उठाई न्याय की मांग
आंदोलन में शामिल महिला प्रतिनिधि रंजना जायसवाल ने कहा कि महिला अभ्यर्थी भी लंबे समय से आरक्षण विसंगति दूर करने और नियुक्ति की मांग कर रही हैं। उन्होंने सरकार से मामले का शीघ्र और निष्पक्ष समाधान करने की अपील की।
अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से निर्णय लंबित रहने के कारण उनके भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। वे चाहते हैं कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों का समाधान कर पात्र अभ्यर्थियों को उचित अवसर दिया जाए।
सरकार के अगले कदम पर टिकी नजरें
68,500 सहायक अध्यापक भर्ती-2018 से जुड़े अभ्यर्थियों ने एक बार फिर आरक्षण विसंगति दूर करने, संबंधित आयोगों के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करने और नियुक्ति की मांग उठाई है।
प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन को आगे बढ़ाने की घोषणा की है। फिलहाल, उनकी मांगों पर सरकार की ओर से अंतिम निर्णय और आगे की कार्रवाई स्पष्ट होना बाकी है।

