UP Navratri 2026: उत्तर प्रदेश में शारदीय नवरात्रि के अवसर पर इस बार देवी आराधना के साथ महिला सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का संदेश भी दिया जाएगा। प्रदेश सरकार ने 24 जिलों के 26 प्रमुख देवी मंदिरों में 17 से 19 अक्टूबर तक तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है। मिशन शक्ति अभियान के तहत होने वाले इन कार्यक्रमों में देवी गीत, दुर्गा सप्तशती का पाठ और पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। सरकार का उद्देश्य धार्मिक आयोजनों के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं के अधिकारों, सुरक्षा तथा सामाजिक सम्मान के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इन आयोजनों के लिए कुल 28.08 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।
UP Navratri 2026: 17 से 19 अक्टूबर तक होंगे कार्यक्रम
उत्तर प्रदेश में शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर से हो रही है। इस दौरान देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाएगी। राज्य सरकार ने नवरात्रि के अंतिम चरण में विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की योजना तैयार की है।
17, 18 और 19 अक्टूबर को प्रदेश के चयनित देवी मंदिरों में कलाकार पारंपरिक देवी गीत प्रस्तुत करेंगे। इसके साथ ही दुर्गा सप्तशती पाठ और धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा।
नवरात्रि 2026 में सप्तमी तिथि 17 और 18 अक्टूबर को पड़ रही है, जबकि 19 अक्टूबर को अष्टमी की पूजा होगी। विभिन्न पंचांगों में नवमी और उससे संबंधित अनुष्ठानों के समय का उल्लेख भी किया गया है।
इन कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। सरकार की योजना धार्मिक परंपराओं को बढ़ावा देने के साथ लोक संस्कृति को संरक्षित करने की भी है।
UP Navratri 2026: देवी गीत और दुर्गा सप्तशती पाठ होंगे मुख्य आकर्षण
तीन दिवसीय आयोजनों में पारंपरिक देवी गायन को विशेष महत्व दिया जाएगा। विभिन्न मंदिर परिसरों में कलाकार भक्ति गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए शक्ति उपासना की परंपरा को आगे बढ़ाएंगे।
दुर्गा सप्तशती का पाठ भी इन आयोजनों का प्रमुख हिस्सा होगा। देवी आराधना से जुड़ा यह धार्मिक ग्रंथ नवरात्रि के दौरान विशेष रूप से पढ़ा जाता है।
इसके अलावा, मंदिरों में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से श्रद्धालुओं को प्रदेश की लोक कलाओं और धार्मिक परंपराओं से परिचित कराने का प्रयास किया जाएगा।
आयोजनों की एक खास बात यह होगी कि इनमें केवल धार्मिक गतिविधियां ही नहीं होंगी, बल्कि महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा से जुड़े सामाजिक संदेश भी शामिल किए जाएंगे।
UP Navratri 2026: विंध्याचल से नैमिषारण्य तक आयोजन
प्रदेश सरकार ने इन कार्यक्रमों के लिए उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित प्रमुख देवी मंदिरों को चुना है।
मिर्जापुर स्थित मां विंध्यवासिनी देवी मंदिर, सोनभद्र का ज्वाला देवी मंदिर और भदोही का सीता समाहित स्थल प्रमुख आयोजन स्थलों में शामिल हैं।
प्रयागराज के अलोपी देवी तथा ललिता देवी मंदिर में भी सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा कौशांबी का कदवासिनी मंदिर और बलरामपुर का प्रसिद्ध देवीपाटन मंदिर भी इस योजना में शामिल है।
सीतापुर के नैमिषारण्य स्थित ललिता देवी मंदिर और सहारनपुर का शाकंभरी देवी मंदिर भी चयनित स्थलों में शामिल हैं।
इन धार्मिक स्थलों का स्थानीय श्रद्धालुओं के बीच विशेष महत्व है। नवरात्रि में यहां बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं। ऐसे में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए महिला सम्मान और सामाजिक जागरूकता का संदेश अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
UP Navratri 2026: मथुरा, वाराणसी और लखनऊ में भी होंगे कार्यक्रम
उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक शहरों में भी नवरात्रि के दौरान सांस्कृतिक आयोजन किए जाएंगे।
मथुरा के कात्यायनी देवी मंदिर, जौनपुर के मां शीतला चौकिया धाम और प्रतापगढ़ के बेल्हा देवी मंदिर को कार्यक्रमों के लिए चुना गया है।
वाराणसी के विशालाक्षी देवी मंदिर तथा उन्नाव के चंडिका देवी मंदिर में भी देवी गीत और धार्मिक प्रस्तुतियां होंगी।
इसके अतिरिक्त औरैया के देवकाली मंदिर, गोरखपुर के मां तरकुलहा देवी धाम, मऊ के मां शीतला माता स्थल और चित्रकूट के शिवानी देवी मंदिर में कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।
हमीरपुर के गायत्री शक्ति पीठ, जालौन के बैरागढ़ माता मंदिर, कानपुर देहात क्षेत्र के कुष्मांडा देवी मंदिर, मैनपुरी के शीतला माता मंदिर और फिरोजाबाद के चामुंडा माता मंदिर को भी शामिल किया गया है।
राजधानी लखनऊ के चंद्रिका देवी और संकटा देवी मंदिरों के साथ फर्रुखाबाद के गुरुग्राम देवी मंदिर में भी सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है।
UP Navratri 2026: 28.08 लाख रुपये के बजट को मिली मंजूरी
UP Navratri 2026 के तहत प्रस्तावित सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए प्रदेश सरकार ने कुल 28.08 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं।
इस बजट का सबसे बड़ा हिस्सा कलाकारों के मानदेय और यात्रा व्यय के लिए निर्धारित किया गया है।
योजना के अनुसार, कलाकारों के मानदेय और यात्रा खर्च के लिए 23.40 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है। शेष राशि अन्य आयोजन संबंधी आवश्यकताओं पर खर्च करने का प्रावधान है।
तीन दिनों तक चलने वाले इन कार्यक्रमों में स्थानीय और पारंपरिक कलाकारों की भागीदारी पर जोर दिया जाएगा।
इससे कलाकारों को धार्मिक मंचों पर अपनी प्रस्तुतियां देने का अवसर मिलेगा। साथ ही, प्रदेश की विभिन्न लोक गायन शैलियों और सांस्कृतिक परंपराओं को भी प्रोत्साहन मिल सकेगा।
UP Navratri 2026: मिशन शक्ति से जुड़ेगा महिला सम्मान का संदेश
नवरात्रि के इन आयोजनों को उत्तर प्रदेश सरकार के मिशन शक्ति अभियान से जोड़ा गया है। इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान तथा स्वावलंबन के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
कार्यक्रमों में धार्मिक प्रस्तुतियों के साथ महिलाओं के अधिकारों और समाज में उनकी भूमिका को लेकर संदेश दिए जाएंगे।
सरकार का मानना है कि धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी होती है। ऐसे मंचों से महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान से जुड़े विषयों पर व्यापक जागरूकता पैदा की जा सकती है।
विशेष रूप से ग्रामीण और छोटे शहरी क्षेत्रों में इन कार्यक्रमों के माध्यम से बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा तथा आत्मनिर्भरता जैसे विषयों को सामाजिक चर्चा का हिस्सा बनाने का प्रयास होगा।
UP Navratri 2026: पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताई आयोजन की खासियत
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने इस पहल को धार्मिक आस्था और सामाजिक जागरूकता से जोड़ने वाला प्रयास बताया है।
उनके अनुसार, शारदीय नवरात्रि शक्ति उपासना और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण पर्व है। सरकार धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से बेटियों के प्रति सम्मान तथा महिलाओं की आत्मनिर्भरता का संदेश देना चाहती है।
मंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम भी बनने चाहिए।
उन्होंने महिलाओं और बालिकाओं के लिए सुरक्षित तथा सम्मानजनक वातावरण बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया।
UP Navratri 2026: धार्मिक पर्यटन और लोक कलाकारों को मिलेगा मंच
उत्तर प्रदेश के विभिन्न देवी मंदिर धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र हैं। नवरात्रि के अवसर पर इन स्थानों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
ऐसे में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन से स्थानीय कलाकारों और पारंपरिक लोक गायकों को अपनी कला प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
इसके साथ ही प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में प्रचलित देवी गीतों और लोक परंपराओं को पहचान दिलाने में भी मदद मिल सकती है।
हालांकि, आयोजन की सफलता मंदिर परिसरों में उपलब्ध सुविधाओं, श्रद्धालुओं की आवाजाही और कार्यक्रमों के बेहतर संचालन पर निर्भर करेगी।
UP Navratri 2026: आस्था और नारी सम्मान को एक साथ जोड़ने की पहल
UP Navratri 2026 के अवसर पर प्रस्तावित इन कार्यक्रमों में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक जागरूकता का समन्वय देखने को मिलेगा।
17 से 19 अक्टूबर तक प्रदेश के 24 जिलों के 26 देवी मंदिरों में होने वाले कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं को देवी गीत, दुर्गा सप्तशती पाठ और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
UP Navratri 2026, वहीं, मिशन शक्ति के अंतर्गत महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान तथा आत्मनिर्भरता का संदेश भी दिया जाएगा।
प्रदेश सरकार की इस पहल का उद्देश्य नवरात्रि की पारंपरिक धार्मिक गतिविधियों के साथ सामाजिक जिम्मेदारी को जोड़ना और बेटियों के प्रति सम्मान की भावना को प्रोत्साहित करना है।

