VDA Corruption Case में वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) के एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पर अवैध निर्माण के मामले में 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। शिकायत के साथ कथित बातचीत का एक ऑडियो प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा तक पहुंचने के बाद विभाग में हलचल मच गई। आरोप है कि बातचीत के दौरान पैसे नहीं देने पर निर्माण गिराने की धमकी दी गई। मामले में कर्मचारी को संबंधित जोन से हटाकर कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि, कथित ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।
VDA Corruption Case: 25 हजार रुपये मांगने का आरोप
वाराणसी विकास प्राधिकरण से जुड़ा यह मामला कथित रिश्वत मांगने की शिकायत के बाद सामने आया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, प्राधिकरण के एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मुरलीधर पर अवैध निर्माण के नाम पर 25 हजार रुपये मांगने का आरोप है।
शिकायतकर्ता की ओर से कथित बातचीत का ऑडियो VDA के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा के सीयूजी मोबाइल नंबर पर भेजा गया। आरोप है कि बातचीत में कर्मचारी ने रुपये नहीं मिलने पर निर्माण को ध्वस्त कराने की बात कही।
ऑडियो सामने आने के बाद प्राधिकरण के अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया। हालांकि, ऑडियो की प्रामाणिकता और उसमें सुनाई देने वाली आवाज की पहचान की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
वीसी पूर्ण बोरा ने कर्मचारी से की पूछताछ
मामले की जानकारी मिलने के बाद प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने कथित तौर पर आरोपी कर्मचारी मुरलीधर को अपने कार्यालय में बुलाकर पूछताछ की। इसके बाद कर्मचारी को संबंधित जोन से हटाकर कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया।
प्राधिकरण की ओर से मामले की जांच कराई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पूछताछ के दौरान कर्मचारी की तबीयत बिगड़ने और बेहोश होकर गिरने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इस घटनाक्रम के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
VDA Corruption Case: दो साल पहले भी लगे थे रिश्वत मांगने के आरोप
मुरलीधर पर इससे पहले भी रिश्वत मांगने के आरोप लगने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि करीब दो साल पहले सोशल मीडिया पर एक तस्वीर सामने आई थी, जिसके संबंध में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि कर्मचारी और उसका एक अन्य साथी अवैध निर्माण के मामले में 60 हजार रुपये मांग रहे थे।
आरोप के मुताबिक, रकम नहीं देने पर निर्माण गिराने की धमकी दी गई थी। हालांकि, उस पुराने मामले में जांच के निष्कर्ष और किसी अंतिम कार्रवाई की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
अब नए कथित ऑडियो के सामने आने के बाद प्राधिकरण के कामकाज और अवैध निर्माण से संबंधित शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। जांच में यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि मौजूदा शिकायत में लगाए गए आरोप सही हैं या नहीं।
VDA Corruption Case: भ्रष्टाचार पर कार्रवाई को लेकर VDA का क्या कहना है?
VDA उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा के मुताबिक, प्राधिकरण भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने बताया कि आउटसोर्सिंग पर तैनात नौ कर्मचारियों को पहले ही विभाग से बाहर किया जा चुका है, जबकि तीन अन्य कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है।
उन्होंने कहा कि जांच में दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण की ओर से यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि निर्माण संबंधी कार्यों के नाम पर अवैध रूप से पैसे मांगने की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा।
नागरिक कहां कर सकते हैं शिकायत?
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी निर्माण कार्य कराने, अनुमति देने अथवा अन्य विभागीय प्रक्रिया के नाम पर अनुचित तरीके से पैसे मांगता है, तो इसकी शिकायत उनके सीयूजी नंबर पर भेजी जा सकती है।
ऐसी स्थिति में शिकायतकर्ता के लिए कथित बातचीत, संदेश, भुगतान से जुड़े विवरण और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को सुरक्षित रखना उपयोगी हो सकता है। रिश्वत मांगने की शिकायत होने पर संबंधित सतर्कता या भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी से भी संपर्क किया जा सकता है।
हालांकि, शिकायत के साथ उपलब्ध सामग्री की जांच और उसकी प्रामाणिकता का निर्धारण संबंधित सक्षम एजेंसी द्वारा किया जाना चाहिए।
VDA Corruption Case में जांच के बाद तय होगी कार्रवाई
वाराणसी विकास प्राधिकरण में सामने आया यह मामला सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता को रेखांकित करता है। अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करना प्राधिकरण की जिम्मेदारी है, लेकिन इसी प्रक्रिया के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप गंभीर है।
फिलहाल कर्मचारी को जोन से हटाकर कार्यालय से संबद्ध किए जाने और जांच शुरू होने की जानकारी सामने आई है। अंतिम कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी। कथित ऑडियो की पुष्टि, शिकायतकर्ता के बयान और संबंधित कर्मचारी का पक्ष मामले की निष्पक्ष जांच के महत्वपूर्ण हिस्से होंगे।
निष्कर्ष: VDA Corruption Case में 25 हजार रुपये की कथित रिश्वत मांगने की शिकायत के बाद विभागीय जांच शुरू हो गई है। अब यह देखना होगा कि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है या नहीं और प्राधिकरण दोषी पाए जाने पर क्या कार्रवाई करता है।

