Brajesh Pathak: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस के विरोध पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस जब चुनाव जीतती है तो उसे चुनाव आयोग सही नजर आता है, लेकिन हार के बाद उसी संस्था पर सवाल उठाने लगती है। पाठक ने इसे कांग्रेस की “फेस सेविंग” की कोशिश बताया और दावा किया कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में BJP प्रचंड बहुमत से सत्ता में वापसी करेगी।
उनका बयान ऐसे समय आया है जब Special Intensive Revision यानी SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया में गड़बड़ियां हुई हैं, जबकि चुनाव आयोग और BJP इन आरोपों से इनकार करते रहे हैं।
Brajesh Pathak ने कांग्रेस पर क्या कहा?
ब्रजेश पाठक ने कांग्रेस नेताओं पर संवैधानिक संस्थाओं के प्रति दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस या विपक्ष चुनाव जीतता है तो उसे चुनाव आयोग से कोई समस्या नहीं होती, लेकिन चुनावी हार के बाद आयोग और चुनावी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए जाते हैं।
पाठक ने कहा कि कांग्रेस नेता “अपना आपा खो चुके हैं” और सत्ता हासिल करने की कोशिश में उनकी राजनीति चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं तक पहुंच गई है। उन्होंने कांग्रेस के मौजूदा विरोध को चुनावी हार से ध्यान हटाने की कोशिश बताया।
ये BJP नेता के राजनीतिक आरोप हैं। कांग्रेस का पक्ष इससे अलग है और वह अपने विरोध को मतदाता सूची की शुद्धता तथा चुनावी पारदर्शिता से जुड़ा मुद्दा बताती है।
Brajesh Pathak: SIR को लेकर क्यों बढ़ा विवाद?
हाल के दिनों में SIR और मतदाता सूची से जुड़े सवालों को लेकर विपक्ष ने अपना आंदोलन तेज किया है।
6 अक्टूबर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी सांसदों ने दिल्ली में चुनाव आयोग की ओर मार्च और धरना दिया। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। पुलिस ने बाद में राहुल गांधी समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया और कुछ समय बाद छोड़ दिया।
BJP ने विपक्ष के इस प्रदर्शन को राजनीतिक “ड्रामा” बताया। केंद्रीय मंत्रियों और BJP नेताओं ने तर्क दिया कि कांग्रेस उन राज्यों में चुनावी व्यवस्था पर सवाल नहीं उठाती जहां उसे जीत मिलती है।
वहीं विपक्ष का कहना है कि उसका सवाल किसी एक चुनाव की हार या जीत नहीं, बल्कि voter rolls और electoral process में अधिक transparency का है।
‘सत्ता की भूख में कुछ दिखाई नहीं दे रहा’
Brajesh Pathak ने अपने बयान में कांग्रेस नेताओं पर सत्ता हासिल करने की जल्दबाजी का आरोप भी लगाया।
Brajesh Pathak उन्होंने कहा कि सत्ता की “भूख” के कारण विपक्षी नेता संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार सवाल उठा रहे हैं और अपनी चुनावी विफलताओं की जिम्मेदारी लेने के बजाय संस्थाओं को निशाना बना रहे हैं।
इस तरह की भाषा BJP और कांग्रेस के बीच चल रही मौजूदा राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा है। कांग्रेस लगातार चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग कर रही है, जबकि BJP इसे विपक्ष की चुनावी रणनीति बता रही है।
Brajesh Pathak: 2027 में BJP की जीत का किया दावा
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भी ब्रजेश पाठक ने BJP की वापसी का दावा किया।
उन्होंने कहा कि 2027 में प्रदेश की जनता BJP को फिर से समर्थन देगी और पार्टी प्रचंड बहुमत से सरकार बनाएगी।
यह उपमुख्यमंत्री का राजनीतिक दावा है। 2027 विधानसभा चुनाव का परिणाम मतदाताओं के फैसले से तय होगा और अभी किसी भी दल की जीत या सीटों की संख्या को निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता।
उत्तर प्रदेश में BJP लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की कोशिश करेगी, जबकि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस समेत विपक्षी दल उसे चुनौती देने की तैयारी में हैं।
Brajesh Pathak: धर्मपाल सिंह ने भी विपक्ष को घेरा
SIR विवाद पर BJP के राज्यसभा प्रत्याशी और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री धर्मपाल सिंह ने भी विपक्ष पर हमला बोला है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष लोकतांत्रिक व्यवस्था का सम्मान नहीं कर रहा और विरोध के नाम पर “अराजकता” तथा “गुंडागर्दी” कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आने पर जनता विपक्ष को जवाब देगी और उसके उम्मीदवारों की जमानत तक जब्त हो सकती है। यह धर्मपाल सिंह का राजनीतिक दावा है।
BJP ने धर्मपाल सिंह को उत्तर प्रदेश से आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए अपने आठ उम्मीदवारों में शामिल किया है। राज्य की 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव 16 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है। BJP की सूची में धर्मपाल सिंह के अलावा राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार शामिल हैं।
Brajesh Pathak: चुनाव आयोग को लेकर BJP-कांग्रेस आमने-सामने
Brajesh Pathak का ताजा बयान उस व्यापक राजनीतिक टकराव का हिस्सा है जिसमें चुनाव आयोग और मतदाता सूची केंद्रीय मुद्दा बन गए हैं।
कांग्रेस और उसके सहयोगी SIR तथा CEC की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं। दूसरी ओर BJP का कहना है कि विपक्ष अपनी चुनावी हार का ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ रहा है।
Brajesh Pathak, इस बहस में दोनों पक्षों के आरोपों को अलग-अलग राजनीतिक दावों के रूप में देखना जरूरी है। किसी चुनावी प्रक्रिया में वास्तविक अनियमितता हुई या नहीं, इसका निर्धारण आधिकारिक रिकॉर्ड, चुनाव आयोग की जांच और जरूरत पड़ने पर न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही किया जा सकता है।
फिलहाल उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले SIR, चुनाव आयोग और मतदाता सूची को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है।

