Akhilesh Yadav Jantar Mantar Protest: दिल्ली में जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन की अनुमति से जुड़े विवाद के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है। अखिलेश यादव ने कहा कि जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने का मतलब यह नहीं है कि लोगों का विरोध करने का अधिकार समाप्त हो गया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष जहां बैठकर अपनी आवाज उठाएगा, वही स्थान उसके लिए जंतर-मंतर बन जाएगा। उन्होंने पुलिस की भारी तैनाती को लेकर भी सरकार की आलोचना की।
मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के खिलाफ 12 अक्टूबर को दिल्ली में हुए INDIA गठबंधन के विरोध मार्च में शामिल अखिलेश यादव ने कहा कि विपक्ष का संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाए और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा की मांग की।
Akhilesh Yadav Jantar Mantar Protest पर क्या बोले सपा प्रमुख?
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन संबंधी नियमों में बदलाव को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि किसी स्थान को प्रदर्शन के लिए निर्धारित सूची से हटाने से लोकतांत्रिक विरोध समाप्त नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा कि जनता की आवाज को केवल स्थान बदलकर नहीं रोका जा सकता। अगर विपक्ष को जंतर-मंतर पर बैठने की अनुमति नहीं मिलेगी तो वह अन्य स्थानों पर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखेगा।
अखिलेश यादव ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, “जहां हम बैठेंगे, वहीं जंतर-मंतर बन जाएगा।”
सपा प्रमुख ने इस मुद्दे को नागरिकों के विरोध प्रदर्शन के अधिकार से जोड़ते हुए कहा कि सरकार को असहमति की आवाज सुननी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जनता के विरोध से बचना चाहती है और इसीलिए प्रदर्शन स्थलों पर प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं।
Akhilesh Yadav Jantar Mantar Protest: ‘कमजोर लोग पुलिस को आगे करते हैं’, अखिलेश का तंज
दिल्ली में विपक्ष के मार्च के दौरान सुरक्षा बलों की भारी तैनाती पर भी अखिलेश यादव ने सवाल उठाए।
उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कमजोर लोग अपनी राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने के बजाय पुलिस को आगे कर देते हैं।
अखिलेश का आरोप था कि विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस व्यवस्था का इस्तेमाल किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार को जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए और लोकतांत्रिक तरीके से उठाई जा रही मांगों पर संवाद करना चाहिए।
हालांकि, दिल्ली पुलिस ने मार्च के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और प्रतिबंधात्मक आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की थी।
12 अक्टूबर के मार्च के बाद दिल्ली पुलिस ने प्रतिबंधात्मक आदेशों के कथित उल्लंघन को लेकर चार एफआईआर भी दर्ज की हैं।
Akhilesh Yadav Jantar Mantar Protest: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन क्यों रोका गया?
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को राजधानी के अधिकृत विरोध प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया है।
यह फैसला ऐसे समय में सामने आया जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों की ओर से प्रदर्शन किए जा रहे थे।
दिल्ली पुलिस ने केंद्रीय गृह मंत्रालय की समिति की सिफारिशों के आधार पर तीन वैकल्पिक प्रदर्शन स्थल निर्धारित किए हैं।
इनमें रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली स्थित सीबीडी ग्राउंड शामिल हैं।
पुलिस के इस फैसले के बाद जंतर-मंतर अब निर्धारित प्रदर्शन स्थलों में शामिल नहीं है। हालांकि, इससे देशभर में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने का संवैधानिक अधिकार समाप्त नहीं होता। प्रदर्शन के स्थान और आयोजन पर कानून के अनुसार उचित प्रतिबंध लागू किए जा सकते हैं।
Akhilesh Yadav Jantar Mantar Protest: INDIA गठबंधन ने निकाला मार्च
12 अक्टूबर 2026 को INDIA गठबंधन के नेताओं ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के विरोध में नई दिल्ली में मार्च आयोजित किया।
इस प्रदर्शन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल नेता तेजस्वी यादव सहित कई विपक्षी नेता शामिल हुए।
विपक्षी नेता सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने भगवान दास रोड पर बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।
इसी दिन विपक्षी नेताओं की ओर से मतदाता सूची संशोधन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई।
याचिका में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की प्रक्रिया की जांच और मनमाने तरीके से नाम हटाए जाने से मतदाताओं को सुरक्षा देने जैसी मांगें शामिल हैं।
Akhilesh Yadav Jantar Mantar Protest: मतदाता सूची विवाद पर अखिलेश ने उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान कई पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए और इससे उनके मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है।
सपा प्रमुख ने दावा किया कि उनकी पार्टी ने मतदाता सूची से संबंधित कई शिकायतें और दस्तावेज चुनाव आयोग को सौंपे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में नाम हटाने के आवेदन ऐसे व्यक्तियों के नाम से तैयार किए गए, जो पढ़ना-लिखना नहीं जानते।
अखिलेश के मुताबिक, ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच जरूरी है ताकि किसी भी पात्र नागरिक को मतदान के अधिकार से वंचित न होना पड़े।
हालांकि, चुनाव आयोग ने राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है। आयोग का कहना है कि मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जाता है।
Akhilesh Yadav Jantar Mantar Protest: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
INDIA गठबंधन के विरोध प्रदर्शन का प्रमुख मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ उठाए गए आरोप हैं।
विपक्षी दलों ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग को मतदाताओं की शिकायतों पर अधिक पारदर्शिता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष जांच और पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए जरूरी है।
दूसरी तरफ भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। भाजपा का कहना है कि विपक्ष चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता पर सवाल उठाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है।
चुनाव आयोग ने भी मतदाता सूची संशोधन को लेकर लगाए गए राजनीतिक पक्षपात के आरोपों का खंडन किया है।
जंतर-मंतर का राजनीतिक आंदोलनों से पुराना रिश्ता
दिल्ली का जंतर-मंतर लंबे समय से धरना-प्रदर्शन और जन आंदोलनों का प्रमुख केंद्र रहा है।
यहां विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, कर्मचारियों और नागरिक समूहों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किए हैं।
अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से लेकर पहलवानों के विरोध प्रदर्शन तक, जंतर-मंतर कई बड़े आंदोलनों का गवाह रहा है।
राजधानी के प्रमुख सरकारी संस्थानों के नजदीक होने के कारण प्रदर्शनकारियों के लिए इस स्थान का विशेष महत्व रहा है।
अब दिल्ली पुलिस की ओर से इसे अधिकृत प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने पर विरोध करने वाले संगठनों ने आपत्ति जताई है।
उनका तर्क है कि नए निर्धारित स्थानों पर प्रदर्शन आयोजित करने से उनकी मांगों की सार्वजनिक दृश्यता प्रभावित हो सकती है।
Akhilesh Yadav Jantar Mantar Protest: शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार और कानूनी नियम
भारत के संविधान का अनुच्छेद 19(1)(b) नागरिकों को शांतिपूर्ण और बिना हथियारों के एकत्र होने का अधिकार प्रदान करता है।
हालांकि, अनुच्छेद 19(3) के तहत सार्वजनिक व्यवस्था और भारत की संप्रभुता एवं अखंडता के हित में इस अधिकार पर उचित प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
इसलिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार संवैधानिक रूप से संरक्षित है, लेकिन किसी भी स्थान पर बिना शर्त प्रदर्शन करने का अधिकार नहीं है।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि अधिकृत प्रदर्शन स्थलों में बदलाव प्रशासनिक व्यवस्था के तहत किया गया है।
विपक्षी दल इस फैसले को नागरिकों की आवाज सीमित करने वाला कदम बता रहे हैं। अब यह मुद्दा राजनीतिक विरोध के साथ सार्वजनिक स्थानों के इस्तेमाल और नागरिक स्वतंत्रता की बहस से भी जुड़ गया है।
Akhilesh Yadav Jantar Mantar Protest की बड़ी बातें
- अखिलेश यादव ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन संबंधी प्रतिबंधों का विरोध किया।
- उन्होंने कहा कि विपक्ष जहां बैठेगा, वही जंतर-मंतर बन जाएगा।
- पुलिस की तैनाती को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
- 12 अक्टूबर को INDIA गठबंधन ने सुप्रीम कोर्ट की ओर विरोध मार्च निकाला।
- विपक्ष ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया।
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई।
- दिल्ली पुलिस ने तीन नए अधिकृत प्रदर्शन स्थल तय किए।
- चुनाव आयोग और भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया।
Akhilesh Yadav Jantar Mantar Protest: जंतर-मंतर विवाद पर अब आगे क्या?
Akhilesh Yadav Jantar Mantar Protest को लेकर समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों ने अपनी राजनीतिक गतिविधियां जारी रखने का संकेत दिया है।
अखिलेश यादव का कहना है कि धरने का स्थान बदलने से मतदाता सूची से संबंधित शिकायतों और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर चल रहा संघर्ष समाप्त नहीं होगा।
दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस नए निर्धारित प्रदर्शन स्थलों और सुरक्षा संबंधी नियमों के आधार पर व्यवस्था लागू कर रही है।
इस बीच सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका और मतदाता सूची संशोधन से संबंधित कानूनी प्रक्रिया पर भी विपक्ष की नजर बनी हुई है।
अब देखना होगा कि विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों, चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया और न्यायिक प्रक्रिया के बीच इस राजनीतिक विवाद में आगे क्या घटनाक्रम सामने आता है।

