Rahul Gandhi Priyanka Gandhi FIR: दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ हुए INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और उनके साथ मौजूद अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज होने से राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। दिल्ली पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता और उनके समर्थक बिना अनुमति आकाशवाणी भवन परिसर में दाखिल हुए थे।
इस कार्रवाई पर उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने पुलिस कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि यदि कोई सरकारी संस्थान में जबरन प्रवेश करता है या कानून-व्यवस्था बिगाड़ता है तो पुलिस कानूनी कार्रवाई करेगी।
राजभर की टिप्पणी राजनीतिक प्रतिक्रिया है। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी या अन्य नेताओं पर लगाए गए आरोप FIR और आगे की जांच के अधीन हैं; FIR दर्ज होना अपने-आप दोष साबित नहीं करता।
Rahul Gandhi Priyanka Gandhi FIR: क्या है पूरा मामला?
6 अक्टूबर को INDIA ब्लॉक के सांसदों ने संसद भवन से निर्वाचन सदन स्थित चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च करने की योजना बनाई थी।
विपक्षी नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और Special Intensive Revision यानी SIR से जुड़ी कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। विपक्ष ने चुनाव आयोग पर पक्षपात और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के आरोप लगाए हैं। चुनाव आयोग इन आरोपों को खारिज कर चुका है।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक इस मार्च के लिए New Delhi DCP कार्यालय से कोई अनुमति नहीं ली गई थी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को चुनाव आयोग मुख्यालय पहुंचने से पहले बैरिकेड लगाकर रोक दिया।
Rahul Gandhi Priyanka Gandhi FIR: आकाशवाणी भवन कैसे पहुंचे राहुल-प्रियंका?
पुलिस द्वारा मार्च रोके जाने के बाद कई विपक्षी सांसदों को हिरासत में लिया गया।
इसी दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कुछ अन्य कांग्रेस नेता आकाशवाणी भवन परिसर की ओर पहुंचे। Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक भवन के कर्मचारियों ने शुरुआत में उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसके बाद कुछ देर गतिरोध हुआ और नेता परिसर के भीतर पहुंच गए।
इसके बाद वहां धरना शुरू हो गया।
कांग्रेस नेताओं की मांग थी कि उन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों से मिलने दिया जाए। यह धरना करीब आठ घंटे तक चला।
Rahul Gandhi Priyanka Gandhi FIR: करीब 260 लोग हिरासत में लिए गए
दिल्ली पुलिस के अनुसार पूरे प्रदर्शन के दौरान करीब 260 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें 10 सांसद शामिल थे।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी देर शाम पुलिस हिरासत में लिए गए। उन्हें अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ New Police Lines, Kingsway Camp ले जाया गया और बाद में रिहा कर दिया गया।
यहां “हिरासत” और “गिरफ्तारी” के बीच फर्क महत्वपूर्ण है। 6 अक्टूबर के प्रदर्शन में नेताओं को preventive/police detention में लिया गया और बाद में छोड़ दिया गया। अब अलग से FIR दर्ज की गई है।
Rahul Gandhi Priyanka Gandhi FIR: FIR में क्या आरोप लगाया गया?
7 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोप है कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, उनके समर्थक और साथ मौजूद कुछ सांसद बिना अनुमति आकाशवाणी भवन परिसर में दाखिल हुए।
मीडिया रिपोर्टों में इसे “forcible entry” यानी कथित जबरन प्रवेश बताया गया है।
हालांकि इस खबर के प्रकाशन तक FIR में लगाई गई सभी धाराओं और नामजद सभी व्यक्तियों की पूरी सूची सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं हुई है। इसलिए किसी खास कानूनी धारा या सभी सांसदों के नाम को बिना आधिकारिक FIR कॉपी के जोड़ना उचित नहीं होगा।
Rahul Gandhi Priyanka Gandhi FIR: ओपी राजभर ने कार्रवाई को बताया सही
FIR को लेकर ओम प्रकाश राजभर ने विपक्ष पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि सरकारी संस्थान में प्रवेश और प्रदर्शन के लिए भी निर्धारित नियम होते हैं। उनका तर्क था कि यदि कोई बिना अनुमति सरकारी परिसर में प्रवेश करता है और वहां कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा होती है तो पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ती है।
राजभर पहले भी चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष के आरोपों पर सवाल उठाते रहे हैं। 7 अक्टूबर को उन्होंने विपक्ष के चुनाव आयोग विरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए पूछा कि यदि आयोग हमेशा सरकार के नियंत्रण में होता तो 2014 में सत्ता परिवर्तन कैसे हुआ। यह उनका राजनीतिक तर्क है।
Rahul Gandhi Priyanka Gandhi FIR: कांग्रेस ने FIR पर क्या कहा?
कांग्रेस ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी SIR और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठा रहे हैं, इसलिए सरकार FIR के जरिए विपक्ष पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर भी राजनीतिक हमला किया।
ये कांग्रेस के आरोप हैं। केंद्र सरकार या दिल्ली पुलिस की ओर से FIR को राजनीतिक बदले की कार्रवाई मानने की बात स्वीकार नहीं की गई है।
Rahul Gandhi Priyanka Gandhi FIR: प्रदर्शन क्यों कर रहा था विपक्ष?
INDIA ब्लॉक का प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया को लेकर था।
विपक्षी पार्टियों का आरोप है कि voter rolls की revision प्रक्रिया में बड़े स्तर पर मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं और चुनाव आयोग विपक्ष की चिंताओं पर पर्याप्त जवाब नहीं दे रहा।
दूसरी तरफ चुनाव आयोग का कहना है कि SIR समेत उसके अंतिम फैसले आयोग की संस्थागत और निर्धारित प्रक्रिया के तहत लिए गए हैं।
6 अक्टूबर के प्रदर्शन में राहुल गांधी सहित विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात की मांग की थी, लेकिन पुलिस ने मार्च को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी।
Rahul Gandhi Priyanka Gandhi FIR: अब आगे क्या?
Rahul Gandhi Priyanka Gandhi FIR के बाद अब दिल्ली पुलिस मामले की जांच आगे बढ़ाएगी।
पुलिस को यह साबित करना होगा कि आकाशवाणी भवन में प्रवेश किस परिस्थिति में हुआ, क्या अनुमति मांगी गई थी, परिसर के अधिकारियों की क्या आपत्ति थी और किस व्यक्ति की क्या भूमिका रही।
Rahul Gandhi Priyanka Gandhi FIR, दूसरी ओर कांग्रेस ने संकेत दिया है कि SIR और चुनाव आयोग को लेकर उसका विरोध जारी रहेगा।
फिलहाल राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य लोगों पर लगे आरोप जांच के अधीन हैं। किसी FIR या पुलिस आरोप को अंतिम दोषसिद्धि नहीं माना जा सकता और कानूनी जिम्मेदारी साक्ष्यों तथा आगे की न्यायिक प्रक्रिया से तय होगी।

