Jaipur Dandiya Mahotsav 2026 में गुलाबी नगरी की शाम गरबा, डांडिया और पारंपरिक रंगों से सराबोर नजर आई। राजस्थान पत्रिका की ओर से आयोजित विमल इलायची महारास डांडिया महोत्सव का शुभारंभ मां दुर्गा की आरती के साथ हुआ। जवाहर सर्कल स्थित एंटरटेनमेंट पैराडाइज के ईस्ट लॉन में आयोजित कार्यक्रम में युवाओं, महिलाओं, बच्चों और परिवारों ने उत्साह के साथ भाग लिया। पारंपरिक गुजराती गीतों से लेकर बॉलीवुड और पंजाबी धुनों तक, हर संगीत पर प्रतिभागियों के कदम थिरकते रहे। लहरिया, बांधनी और कढ़ाईदार परिधानों में सजे लोगों ने आयोजन की रौनक बढ़ाई। कार्यक्रम में शहर की कई जानी-मानी हस्तियां भी शामिल हुईं।
Jaipur Maharास Dandiya Mahotsav 2026 की शुरुआत मां दुर्गा की आरती से
शनिवार शाम आयोजित महारास डांडिया महोत्सव की शुरुआत धार्मिक माहौल में हुई। एंटरटेनमेंट पैराडाइज के ईस्ट लॉन में मां दुर्गा की आरती की गई। इसके बाद संगीत की धुनों के साथ गरबा और डांडिया का सिलसिला शुरू हुआ।
आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। वहीं, कार्यक्रम आगे बढ़ने के साथ पूरा परिसर उत्साह और उमंग से भर गया। युवाओं के साथ परिवारों और बच्चों ने भी नृत्य में हिस्सा लिया।
आयोजन में पारंपरिक संस्कृति और आधुनिक संगीत का मेल देखने को मिला। डांडिया की खनक, गरबा के गोल घेरे और रंगीन रोशनी ने शाम को उत्सवपूर्ण बना दिया।
200 मिनट तक गरबा-डांडिया की धुनों पर थिरके कदम
महारास के दौरान प्रतिभागियों ने करीब 200 मिनट तक गरबा और डांडिया का आनंद लिया। लोकप्रिय गीतों की धुनों पर लोगों ने पूरे उत्साह के साथ नृत्य किया।
‘ढोली तारो ढोल बाजे’, ‘नगाड़ा संग ढोल बाजे’, ‘छोगाड़ा’, ‘सनेड़ों’ और ‘ढोलिड़ा ढोल रे वगाड़’ जैसे गीतों ने माहौल में खास ऊर्जा भर दी। गुजराती लोकगीतों के साथ बॉलीवुड और पंजाबी बीट्स ने भी लोगों को थिरकने पर मजबूर किया।
गीतों की लय बदलने के साथ प्रतिभागियों के डांडिया घेरे बनते और बिखरते रहे। कहीं पारंपरिक गरबा की झलक दिखाई दी, तो कहीं आधुनिक डांस स्टेप्स ने दर्शकों का ध्यान खींचा।
लहरिया-बांधनी के परिधानों में नजर आई रंगीन शाम
Jaipur Maharास Dandiya Mahotsav 2026 में पारंपरिक वेशभूषा आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। महिलाएं और युवतियां लहरिया, बांधनी, गोटे, सितारों और कढ़ाई से सजे परिधानों में पहुंचीं। पुरुषों ने भी रंगीन पारंपरिक कपड़ों में भाग लेकर आयोजन की रौनक बढ़ाई।
रंग-बिरंगे परिधान, डांडिया स्टिक और संगीत के बीच प्रतिभागियों ने तस्वीरें खिंचवाईं और यादगार पलों को कैमरे में कैद किया। युवाओं के बीच सेल्फी लेने का भी खास उत्साह नजर आया।
मौसम में आई ठंडक के बीच संगीत और नृत्य ने वातावरण को खुशनुमा बनाए रखा। पारंपरिक गुजराती संस्कृति और जयपुर की उत्सवी रंगत का यह संगम पूरे कार्यक्रम में दिखाई दिया।
महारास में शहर की प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी
कार्यक्रम में केजीके ग्रुप के वाइस चेयरमैन संजय कोठारी, केजीके रियल्टी के डायरेक्टर राजेश जैन, विमल ग्रुप के संजय पाठक, एसबीआई के एजीएम संजय कुमार शर्मा, डीसीपी ट्रैफिक प्रवीण नायक और मदर डेयरी के जोनल हेड चंदनदीप मौजूद रहे।
आयोजन का मंच संचालन आरजे सूफी और आरजे सुगंधा ने किया। मंच से प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया गया और कार्यक्रम को मनोरंजक बनाया गया।
आयोजन में महापौर सुनील कोठारी की मौजूदगी भी रही। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल होकर प्रतिभागियों के उत्साह की सराहना की। उन्होंने कहा कि इतने बड़े आयोजन में लोगों की ऊर्जा और भागीदारी देखकर अच्छा लगा।
डांडिया किंग और क्वीन को मिला सम्मान
महोत्सव के दौरान प्रतिभागियों के प्रदर्शन और आकर्षक प्रस्तुतियों को भी सराहा गया। आयोजकों की ओर से विभिन्न श्रेणियों में प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
- बेस्ट कपल: जतिन और प्रीति
- बेस्ट किड: रुद्र
- डांडिया किंग: आदित्य वर्मा
- डांडिया क्वीन: कोमल वर्मा
मदर डेयरी की ओर से डांडिया किंग और डांडिया क्वीन के सम्मान की जानकारी दी गई। इन पुरस्कारों ने प्रतिभागियों के उत्साह को और बढ़ाया।
जयपुर में सांस्कृतिक आयोजनों की खास पहचान
Jaipur Maharास Dandiya Mahotsav 2026 जैसे आयोजन शहर में त्योहारों के दौरान सांस्कृतिक गतिविधियों को मंच देते हैं। गरबा और डांडिया के जरिए लोग पारंपरिक लोकसंस्कृति से जुड़ते हैं और परिवार व मित्रों के साथ उत्सव मनाते हैं।
इस महोत्सव में धार्मिक आराधना, लोकगीत, आधुनिक संगीत और पारंपरिक परिधानों का मेल देखने को मिला। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक की भागीदारी ने कार्यक्रम को सामुदायिक उत्सव का रूप दिया।
निष्कर्ष: जयपुर के एंटरटेनमेंट पैराडाइज में आयोजित विमल इलायची महारास डांडिया महोत्सव में मां दुर्गा की आरती से लेकर डांडिया किंग और क्वीन के सम्मान तक, शाम उत्साह और सांस्कृतिक रंगों से भरी रही। करीब 200 मिनट तक चले गरबा-डांडिया कार्यक्रम ने प्रतिभागियों को संगीत, परंपरा और मनोरंजन का यादगार अनुभव दिया।

