Sagarika Ghose: दिल्ली में चुनाव आयोग के मुख्यालय की ओर मार्च कर रहे विपक्षी सांसदों को पुलिस ने रास्ते में रोक दिया। इसके बाद कई नेताओं को हिरासत में लिया गया। हिरासत के दौरान TMC की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने पुलिस बस के अंदर से एक वीडियो शेयर किया। घोष ने दावा किया कि उनके साथ RJD सांसद मनोज झा, कांग्रेस सांसद नीरज डांगी समेत अन्य नेता बस में मौजूद थे, लेकिन उन्हें यह तक नहीं बताया गया कि उन्हें कहां ले जाया जा रहा है।
मंगलवार, 6 अक्टूबर को INDIA ब्लॉक के सांसद संसद भवन से चुनाव आयोग के मुख्यालय की ओर मार्च कर रहे थे। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर अपनी मांगें उठा रहे थे। पुलिस ने मार्च को नीति आयोग और आकाशवाणी भवन के बीच रोक दिया। इसके बाद सांसद सड़क पर धरने पर बैठ गए और कई नेताओं को हिरासत में लिया गया।
Sagarika Ghose का दावा- ड्राइवर को भी नहीं पता कहां जाना है
Sagarika Ghose ने हिरासत में लिए जाने के बाद पुलिस बस से वीडियो साझा कर कार्रवाई पर सवाल उठाए।
घोष के मुताबिक उनके साथ बस में RJD सांसद मनोज कुमार झा, कांग्रेस सांसद नीरज डांगी और दूसरे विपक्षी नेता मौजूद थे।
उन्होंने दावा किया कि सांसदों को यह नहीं बताया गया था कि पुलिस उन्हें कहां लेकर जा रही है। सागरिका घोष ने वीडियो में यह भी कहा कि कथित तौर पर बस चालक के पास भी उस समय destination को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं थी।
यह दावा सागरिका घोष की ओर से वीडियो में किया गया है। पुलिस की ओर से इस खास दावे पर तत्काल कोई स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
Sagarika Ghose: ‘शांतिपूर्ण तरीके से मार्च कर रहे थे’
घोष ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए दावा किया कि INDIA ब्लॉक के सांसद शांतिपूर्ण तरीके से मार्च कर रहे थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद सांसदों को आगे जाने से रोका गया और फिर बसों में बैठाकर हिरासत में लिया गया।
विपक्षी नेताओं का कहना है कि वे चुनाव आयोग के सामने SIR और voter-list से जुड़े सवाल उठाना चाहते थे। INDIA ब्लॉक पहले ही 6 अक्टूबर को सभी विपक्षी सांसदों के Election Commission तक मार्च का ऐलान कर चुका था।
हालांकि दिल्ली पुलिस ने मध्य दिल्ली में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे और मार्च को चुनाव आयोग मुख्यालय तक जाने की अनुमति नहीं दी गई। बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया था।
Sagarika Ghose: राहुल-प्रियंका समेत कई नेता हिरासत में
Sagarika Ghose के अलावा विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और TMC के कई वरिष्ठ नेता भी शामिल थे।
पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया। राहुल गांधी और TMC नेता अभिषेक बनर्जी को पुलिस बैरिकेड पर चढ़ते भी देखा गया।
विरोध कर रहे सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी की। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर भी ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा देने की मांग की।
Sagarika Ghose: चुनाव आयोग तक नहीं पहुंच पाया विपक्ष का मार्च
INDIA ब्लॉक का कार्यक्रम संसद भवन परिसर से Election Commission headquarters तक मार्च निकालने का था।
लेकिन सांसदों को नीति आयोग कार्यालय के सामने, आकाशवाणी भवन और चुनाव आयोग की ओर जाने वाली सड़क पर रोक दिया गया। इसके बाद विपक्षी सांसदों ने वहीं धरना शुरू कर दिया।
प्रदर्शन के दौरान भारी बैरिकेडिंग की गई थी। राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी बैरिकेड पर चढ़े, जबकि बाद में राहुल और प्रियंका गांधी सहित कुछ नेताओं ने आकाशवाणी भवन के परिसर में प्रवेश करने की कोशिश भी की।
Manoj Jha ने मोदी-शाह पर लगाए आरोप
पुलिस बस में सागरिका घोष के साथ मौजूद RJD सांसद मनोज झा ने भी केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर तीखा राजनीतिक बयान दिया।
मनोज झा ने ज्ञानेश कुमार को लेकर आरोप लगाया कि वह स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर रहे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह के प्रभाव में हैं।
यह RJD सांसद का राजनीतिक आरोप है। BJP और चुनाव आयोग लगातार विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे पक्षपात और चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपों को खारिज करते रहे हैं। Reuters के मुताबिक Election Commission और BJP दोनों ने wrongdoing के आरोपों से इनकार किया है।
नीरज डांगी ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद नीरज डांगी ने भी हिरासत को लेकर सवाल उठाए।
डांगी का कहना था कि विपक्षी सांसद राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, इसके बावजूद उन्हें आगे नहीं जाने दिया गया।
उन्होंने भी आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान सांसदों को यह स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई कि उन्हें किस पुलिस स्टेशन या स्थान पर ले जाया जा रहा है।
हालांकि पुलिस का कहना रहा है कि मध्य दिल्ली में बिना अनुमति प्रदर्शन और प्रतिबंधित क्षेत्र की ओर बढ़ने की कोशिश को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। हाल के प्रदर्शनों के मद्देनजर इलाके में अतिरिक्त पुलिसबल भी तैनात किया गया था।
SIR को लेकर आखिर क्यों हो रहा विरोध?
Sagarika Ghose समेत विपक्षी नेताओं के विरोध का प्रमुख मुद्दा मतदाता सूचियों का Special Intensive Revision यानी SIR है।
विपक्ष आरोप लगा रहा है कि मतदाता सूची में बदलाव के कारण बड़ी संख्या में वास्तविक मतदाताओं के नाम हटे हैं और इससे चुनावी निष्पक्षता प्रभावित हुई है।
वहीं Election Commission का कहना है कि मतदाता सूची के revision का उद्देश्य duplicate, मृत और अयोग्य entries को हटाकर electoral rolls को सही करना है। आयोग और BJP ने राजनीतिक फायदे के लिए प्रक्रिया में हेरफेर के विपक्षी आरोपों को नकारा है।
Form 6 में बदलाव को लेकर भी राजनीतिक विवाद चल रहा है। Election Commission ने राहुल गांधी के आरोपों को “misleading” बताया है। दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट में इस मुद्दे से संबंधित कानूनी सवाल भी उठे हैं।
सागरिका घोष ने कहा- संघर्ष जारी रहेगा
सागरिका घोष ने अपने वीडियो में कहा कि हिरासत से विपक्ष का आंदोलन नहीं रुकेगा।
उन्होंने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष लोकतंत्र और मताधिकार से जुड़े मुद्दों पर अपना विरोध जारी रखेगा।
हालांकि चुनाव आयोग के खिलाफ लगाए गए “वोट चोरी” और राजनीतिक पक्षपात जैसे आरोप विपक्ष के दावे हैं और इन्हें स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज किया है।
Sagarika Ghose और INDIA ब्लॉक मार्च की बड़ी बातें
- INDIA ब्लॉक के सांसद 6 अक्टूबर को संसद से चुनाव आयोग तक मार्च कर रहे थे।
- मार्च का मुख्य मुद्दा SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग थी।
- पुलिस ने सांसदों को नीति आयोग और आकाशवाणी भवन के पास रोक दिया।
- राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेता हिरासत में लिए गए।
- TMC सांसद सागरिका घोष ने पुलिस बस से वीडियो शेयर किया।
- घोष ने दावा किया कि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि बस कहां ले जाई जा रही है।
- उनके मुताबिक मनोज झा और नीरज डांगी समेत कई सांसद बस में मौजूद थे।
- मनोज झा ने प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह पर राजनीतिक आरोप लगाए।
- नीरज डांगी ने पुलिस द्वारा शांतिपूर्ण मार्च रोकने पर सवाल उठाए।
- Election Commission और BJP ने चुनावी गड़बड़ी और राजनीतिक पक्षपात के आरोपों से इनकार किया है।
हिरासत के बाद और तेज हुआ राजनीतिक विवाद
कुल मिलाकर Sagarika Ghose का पुलिस बस से सामने आया वीडियो INDIA ब्लॉक और चुनाव आयोग के बीच चल रहे राजनीतिक टकराव की नई तस्वीर बन गया है। विपक्षी सांसदों ने पुलिस कार्रवाई को शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार से जोड़ा है, जबकि प्रशासन ने सुरक्षा और प्रतिबंधों के बीच मार्च को चुनाव आयोग तक नहीं पहुंचने दिया।
इस पूरे विवाद के केंद्र में SIR, मतदाता सूची में बदलाव और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर उठाए जा रहे सवाल हैं। विपक्ष के आरोपों के साथ-साथ चुनाव आयोग का पक्ष भी महत्वपूर्ण है, जिसने प्रक्रिया में राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को नकारा है।

