UP MLC Election 2026: उत्तर प्रदेश में अक्टूबर का महीना BJP और समाजवादी पार्टी के लिए दो अलग-अलग चुनावी परीक्षाएं लेकर आया है। पहले 16 अक्टूबर को राज्यसभा की 10 सीटों के लिए विधायक वोट डालेंगे और ठीक एक सप्ताह बाद 23 अक्टूबर को विधान परिषद की पांच स्नातक और छह शिक्षक सीटों पर मतदान होगा। लेकिन इन दोनों चुनावों के बीच BJP और SP की एक और लड़ाई साफ दिखाई दे रही है—नई सियासी पीढ़ी और युवा वोटरों तक पहुंच बनाने की।
राज्यसभा चुनाव का गणित विधायकों की संख्या पर निर्भर है, जबकि UP MLC Election 2026 में अलग electoral rolls पर दर्ज graduate और teacher voters फैसला करेंगे। यही वजह है कि 11 MLC सीटों का मुकाबला 2027 विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों के संगठन, educational networks और youth outreach की भी परीक्षा माना जा रहा है।
UP MLC Election 2026 का पूरा शेड्यूल
उत्तर प्रदेश की पांच Graduate और छह Teachers constituencies के लिए चुनाव अधिसूचना 29 सितंबर को जारी हो चुकी है। नामांकन की आखिरी तारीख 6 अक्टूबर है। 7 अक्टूबर को scrutiny और 9 अक्टूबर तक नाम वापसी होगी। मतदान 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक होगा, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को होगी।
राज्यसभा की 10 सीटों के लिए इससे पहले 16 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा और उसी दिन शाम 5 बजे मतगणना शुरू होगी।
11 सीटों पर BJP-SP में सीधी तैयारी
UP MLC Election 2026 की 11 सीटों में लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ और इलाहाबाद-झांसी की पांच Graduate constituencies हैं। वहीं लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद की छह Teacher constituencies में चुनाव होगा।
BJP ने सभी 11 सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। पार्टी ने कई मौजूदा MLC पर दोबारा भरोसा जताया है, जबकि कुछ क्षेत्रों में नए चेहरों को मौका दिया गया है। BJP इन चुनावों में विधानसभा चुनाव जैसी booth-management strategy पर भी काम कर रही है और educational institutions के प्रमुखों, teachers और graduate voters के साथ बैठकें कराने की योजना बनाई गई है।
| सीट | BJP उम्मीदवार | SP उम्मीदवार |
|---|---|---|
| लखनऊ स्नातक | अवनीश कुमार सिंह | कांति सिंह |
| वाराणसी स्नातक | केदारनाथ सिंह | आशुतोष सिन्हा |
| आगरा स्नातक | मानवेंद्र प्रताप सिंह | शशांक यादव |
| मेरठ स्नातक | दिनेश गोयल | परमिंदर भाटी |
| इलाहाबाद-झांसी स्नातक | अशोक कुमार राठौर | मान सिंह |
| लखनऊ शिक्षक | उमेश द्विवेदी | सुशील कुमार |
| वाराणसी शिक्षक | डॉ. प्रमोद मिश्रा | लाल बिहारी यादव |
| आगरा शिक्षक | हरिकिशोर तिवारी | डॉ. आकाश अग्रवाल |
| मेरठ शिक्षक | श्रीचंद शर्मा | डॉ. नितिन तोमर |
| बरेली-मुरादाबाद शिक्षक | हरिसिंह ढिल्लों | दानिश अख्तर |
| गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक | ध्रुव त्रिपाठी | डॉ. संजयन त्रिपाठी |
BJP की मौजूदा सूची पार्टी की मई और सितंबर में जारी सूचियों से पूरी हुई है। SP ने पहले सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन बाद में आगरा शिक्षक और गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर बदलाव किया।
सपा ने दो सीटों पर बदली रणनीति
समाजवादी पार्टी ने चुनाव के ठीक पहले दो Teacher constituencies में बड़ा बदलाव किया।
आगरा शिक्षक सीट पर पार्टी ने पहले घोषित उम्मीदवार की जगह मौजूदा निर्दलीय MLC डॉ. आकाश अग्रवाल को मैदान में उतारा। वहीं गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर कमलेश यादव की जगह डॉ. संजयन त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाया गया। दोनों ने उम्मीदवार घोषित किए जाने से पहले SP का दामन थामा।
संजयन त्रिपाठी BJP से टिकट के दावेदार बताए जा रहे थे। BJP ने यहां तीन बार चुनाव जीत चुके ध्रुव त्रिपाठी पर दोबारा भरोसा जताया। इसके बाद संजयन त्रिपाठी SP में शामिल हुए और पार्टी ने उन्हें उसी क्षेत्र से उम्मीदवार बना दिया।
आगरा में आकाश अग्रवाल पहले निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में Teacher constituency से MLC चुने गए थे। ऐसे में SP की रणनीति उम्मीदवार के व्यक्तिगत teacher network और स्थानीय पकड़ को अपने संगठन के साथ जोड़ने की दिखाई देती है।
राज्यसभा और MLC का गणित बिल्कुल अलग
राज्यसभा और UP MLC Election 2026 के बीच केवल सात दिन का अंतर है, लेकिन दोनों चुनावों का electorate पूरी तरह अलग है।
राज्यसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश विधानसभा के विधायक मतदान करेंगे। इसके उलट Graduate और Teacher MLC चुनाव में केवल संबंधित constituencies की विशेष voter list में दर्ज मतदाता ही वोट डाल सकते हैं।
इसी वजह से 16 अक्टूबर को किसी दल की राज्यसभा में सफलता को 23 अक्टूबर की MLC सीटों का सीधा संकेत नहीं माना जा सकता। MLC चुनाव में educational institutions, teacher organisations, professional groups और graduate networks की जमीनी पकड़ ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकती है।
Gen-Z का सीधा वोट कितना?
यहां UP MLC Election 2026 के Gen-Z angle को समझना जरूरी है।
Election Commission के मुताबिक Graduate Constituency की electoral roll में शामिल होने के लिए किसी व्यक्ति को संबंधित constituency का सामान्य निवासी होने के साथ qualifying date से कम-से-कम तीन साल पहले graduate या equivalent qualification holder होना चाहिए। Teacher Constituency में पिछले छह वर्षों में कम-से-कम तीन साल निर्धारित स्तर के educational institution में teaching experience जरूरी है।
इसका अर्थ है कि कॉलेज में अभी पढ़ रहे अधिकांश युवा या हाल ही में graduate हुए सभी Gen-Z मतदाता सीधे इस MLC election में वोट नहीं दे सकते।
इसके बावजूद यह चुनाव colleges, universities, teachers और educated professional networks के बेहद करीब है। इसी network के जरिए BJP और SP आगामी 2027 विधानसभा चुनाव के युवा और first-time voters तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
BJP ने युवा टीमों को मैदान में उतारा
BJP ने उत्तर प्रदेश में youth outreach को विधानसभा चुनाव की बड़ी रणनीति का हिस्सा बनाया है।
पार्टी ने Bharatiya Janata Yuva Morcha को colleges और universities में students से direct engagement बढ़ाने की जिम्मेदारी दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम-से-कम 10 युवा पदाधिकारियों की टीम लगाने की योजना बनाई गई, जो युवाओं की समस्याएं और feedback जुटाएगी और सरकार की youth-focused schemes की जानकारी देगी।
4 अक्टूबर को BJP के राष्ट्रीय महासचिव और यूपी प्रभारी विनोद तावड़े ने भी पार्टी कार्यकर्ताओं से 2000 के बाद जन्मी पीढ़ी तक पहुंच बढ़ाने को कहा। उन्होंने कहा कि इस generation तक सरकार के काम और 2014 के बाद हुए बदलावों को facts के साथ पहुंचाया जाना चाहिए।
यानी BJP का Gen-Z अभियान केवल UP MLC Election 2026 तक सीमित नहीं है। इसका बड़ा लक्ष्य 2027 विधानसभा चुनाव से पहले युवा मतदाताओं के बीच राजनीतिक narrative मजबूत करना है।
SP का ‘Youth Jodo, Booth Mazboot Karo’
समाजवादी पार्टी ने भी Gen-Z और young voters को लेकर अलग संगठनात्मक अभियान शुरू किया है।
SP Chhatra Sabha के नेतृत्व में ‘Youth Jodo, Booth Mazboot Karo’ अभियान शुरू किया गया। इसकी शुरुआत Lucknow University से हुई और योजना के तहत विश्वविद्यालयों तथा कॉलेजों में students को party membership और “youth agents” के रूप में जोड़ने का लक्ष्य रखा गया।
अभियान में युवाओं से रोजगार, शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और दूसरे मुद्दों पर feedback लेकर 2027 के लिए youth-focused manifesto तैयार करने की बात भी कही गई है। SP ने Gen-Z के साथ अगली generation तक पहुंच के लिए universities और colleges में awareness programmes का भी ऐलान किया है।
रोजगार और पेपर लीक भी चुनावी बहस में
युवा outreach में रोजगार, recruitment examinations, paper leaks, fees और scholarships जैसे मुद्दे प्रमुख बन रहे हैं।
SP इन मुद्दों के जरिए राज्य सरकार को घेर रही है, जबकि BJP अपनी सरकार की recruitment, skill development, tablets और youth welfare योजनाओं के जरिए युवा voters के बीच अपना पक्ष रखने की कोशिश कर रही है। हाल के student protests के बाद भी उत्तर प्रदेश में youth politics का महत्व बढ़ा है।
यही वजह है कि UP MLC Election 2026 भले ही limited electorate वाला चुनाव हो, लेकिन इसके आसपास बनने वाला political campaign 2027 के लिए कहीं बड़ा है।
शिक्षक सीटों पर OPS भी बड़ा मुद्दा
Teacher constituencies में युवा outreach से अलग मुद्दे भी प्रभावी होंगे।
समाजवादी पार्टी पुरानी पेंशन योजना यानी OPS को कर्मचारियों और शिक्षकों के बीच एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बनाने की बात कह चुकी है। उम्मीदवारों की घोषणा के समय अखिलेश यादव ने कहा था कि सरकार बनने पर कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने को घोषणा पत्र में शामिल किया जाएगा।
वहीं BJP teacher organisations के साथ सीधे संपर्क और institutional meetings पर फोकस कर रही है। इसलिए शिक्षक सीटों पर पार्टी संगठन के साथ उम्मीदवार का व्यक्तिगत नेटवर्क भी महत्वपूर्ण रहेगा।
UP MLC Election 2026 की बड़ी बातें
- 10 राज्यसभा सीटों पर मतदान 16 अक्टूबर को होगा।
- 11 MLC सीटों पर मतदान 23 अक्टूबर को होगा।
- MLC चुनाव में 5 Graduate और 6 Teacher constituencies शामिल हैं।
- मतगणना 27 अक्टूबर को होगी।
- BJP ने सभी 11 सीटों पर प्रत्याशी उतार दिए हैं।
- SP ने भी सभी सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए और दो Teacher seats पर बाद में बदलाव किया।
- आकाश अग्रवाल आगरा शिक्षक और संजयन त्रिपाठी गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट से SP उम्मीदवार हैं।
- BJP colleges और universities में youth outreach बढ़ा रही है।
- SP ‘Youth Jodo, Booth Mazboot Karo’ अभियान चला रही है।
- Graduate constituency में हर Gen-Z सीधे मतदाता नहीं है; graduation के बाद तीन साल की eligibility condition लागू होती है।
- MLC चुनाव को 2027 विधानसभा चुनाव से पहले संगठनात्मक परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।
11 सीटें, लेकिन नजर 2027 पर
कुल मिलाकर UP MLC Election 2026 में मुकाबला केवल पांच स्नातक और छह शिक्षक सीटों की संख्या तक सीमित नहीं है। BJP के लिए यह अपने booth management, teacher-graduate networks और organizational machinery को परखने का मौका है, जबकि SP उम्मीदवारों में बदलाव और campus outreach के जरिए मुकाबले को मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
इसके साथ ही दोनों दलों की नजर उस युवा electorate पर है जो अगले विधानसभा चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। MLC चुनाव में Gen-Z की सीधी भागीदारी eligibility rules के कारण सीमित है, लेकिन colleges, universities और educational networks तक राजनीतिक पहुंच बनाने की लड़ाई स्पष्ट रूप से तेज हो चुकी है।

